चेन्नई , सितंबर 18 -- तमिलनाडु में डेंगू मामलों में अचानक आयी तेजी से अब तक नौ लोगों की जान जा चुकी है और पिछले कुछ दिनों में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 16,000 के पार पहुंच गया है।
इस स्थिति के बीच तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री अरुणराज ने शुक्रवार को जनता की आशंकाओं को दूर करते हुए उनसे न घबराने की अपील की और कहा कि सरकार इसे नियंत्रित करने के लिए सभी निवारक उपाय कर रही है।
शहर के राजकीय क्षेत्रीय नेत्र अस्पताल में 'विषिथिरै काप्पोम' (रेटीना सुरक्षा) योजना के प्री-लॉन्च कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार किया कि राज्य में हाल के दिनों में डेंगू के मामले बढ़े हैं। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को 244 नये मामले दर्ज किये गये हैं, जिससे इस वर्ष सामने आये कुल मामलों की संख्या बढ़कर 16,577 हो गयी है। अकेले चेन्नई में गुरुवार को 87 मामले दर्ज किये गये हैं। सरकार ने पूरे राज्य में मच्छर नियंत्रण और सार्वजनिक स्वास्थ्य गतिविधियों के लिए 25,000 से अधिक कर्मचारियों को तैनात किया है।
स्वास्थ्य मंत्री अरुणराज ने कहा कि पिछले सात दिनों में हुई बढ़ोतरी पर पैनी नजर रखी जा रही है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने कहा, "लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार इसके प्रसार से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और सभी जिलों में आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं।"स्वास्थ्य मंत्री ने जनता से अपने घरों के भीतर और आसपास पानी जमा न होने देने का आह्वान करते हुए स्वास्थ्य व नागरिक अधिकारियों का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने बताया कि सफाई कर्मचारियों को रोकथाम संबंधी उपायों को तेज करने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने हालांकि जोर देकर कहा कि इसमें जनभागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है और 'इलाज से बेहतर बचाव है'।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार चेन्नई, कोयंबटूर, इरोड, तिरुपुर, सेलम और कृष्णागिरी सहित कई जिलों में डेंगू का प्रकोप अधिक है। तिरुवल्लूर, चेंगलपट्टू और कांचीपुरम सहित 10 जिलों में इसका प्रसार देखा जा रहा है। मौसम में बदलाव के कारण एडीज मच्छरों की संख्या में हुई वृद्धि के मद्देनजर 25,000 से अधिक कर्मचारी मच्छर उन्मूलन कार्य में जुटे हैं और विभाग ने पूरे राज्य में बचाव अभियानों को तेज कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग ने जिलाधिकारियों को डेंगू की निगरानी और समन्वय कार्य संभालने का निर्देश दिया है, साथ ही जिलों के लिए 45 विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त किये हैं। अधिकारियों को जिलों का दौरा करने, डेंगू के प्रसार की निगरानी करने, दैनिक मामलों का रिकॉर्ड रखने और मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए निरीक्षण व अध्ययन करने के आदेश दिये गये हैं।
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