चेन्नई , मई 01 -- बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की तमिलनाडु इकाई के पूर्व अध्यक्ष के. आर्मस्ट्रांग की जुलाई 2024 में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में एक मुख्य आरोपी अश्वत्थामा को बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से विदेश भागने की कोशिश के दौरान गिरफ्तार कर शुक्रवार सुबह चेन्नई लाया गया।

पुलिस ने बताया कि कुछ दिन पहले ही सशर्त जमानत पर रिहा हुए अश्वत्थामा को बैंकॉक जाने वाली फ्लाइट में सवार होने से कुछ मिनट पहले आव्रजन अधिकारियों ने उसके खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर के आधार पर गिरफ्तार कर लिया।

आव्रजन अधिकारियों की सूचना पर बेंगलुरु पुलिस ने ग्रेटर चेन्नई सिटी पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद एक विशेष टीम बेंगलुरु पहुंची और ट्रांजिट वारंट प्राप्त कर आरोपी को हिरासत में लिया और आज सुबह पूछताछ के लिए चेन्नई ले आई।

हालांकि, आरोपी के खिलाफ कोई नया मामला दर्ज नहीं किया गया है क्योंकि उसने रिटर्न टिकट की प्रतियां पेश की थीं और कहा था कि वह देश छोड़कर भागने की योजना नहीं बना रहा था।

कानूनी विशेषज्ञों से यह पता लगाने के बाद कि क्या उसने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है, पुलिस उसकी जमानत रद्द करने की मांग को लेकर उच्चतम न्यायालय का रुख करेगी। अश्वत्थामा हिस्ट्रीशीटर नागेंद्रन का पुत्र है, जो आर्मस्ट्रांग हत्याकांड में मुख्य आरोपी था।

दिवंगत बसपा नेता ने दो मौकों पर विधानसभा चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी। उनकी पत्नी पोरकोडी ने चेन्नई शहर की तिरु वि. का. नगर (आरक्षित) सीट से अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के टिकट पर 23 अप्रैल को विधानसभा चुनाव लड़ा है। अन्नाद्रमुक महासचिव इडापड्डी के. पलानीस्वामी ने चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें न्याय दिलाने का वादा किया था।

उल्लेखनीय है कि मद्रास उच्च न्यायालय ने पांच जुलाई 2024 को पेरम्बूर इलाके में आर्मस्ट्रांग पर हुए घातक हमले और उनकी हत्या के मामले में गिरफ्तार सभी 12 आरोपियों की जमानत रद्द कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में अन्नाद्रमुक और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो-दो पदाधिकारियों सहित 26 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें बाद में उनके संबंधित दलों से बर्खास्त कर दिया गया था।

सितंबर 2024 में मद्रास उच्च न्यायालय ने जांच को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को स्थानांतरित करने का आदेश दिया था, हालांकि नवंबर 2025 में उच्चतम न्यायालय ने इस पर रोक लगा दी थी।

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