चेन्नई , जून 22 -- तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में एक झींगा प्रसंस्करण इकाई में अमोनिया गैस रिसाव दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गयी है और 67 मजदूरों का इलाज चल रहा है।

राज्य के श्रम कल्याण एवं कौशल विभाग के मंत्री जे मोहम्मद फरवास ने विधानसभा में नियम 110 के तहत बयान देते हुए कहा कि आइस फ्लेक्स जनरेटर मशीन में गैस ले जाने वाली पाइपलाइन के वाल्व में खराबी के कारण यह रिसाव हुआ।

श्री फरवास ने बताया कि कनिगैपेयर-मंजंकारनई क्षेत्र में स्थित इस इकाई में काम करने और रहने वाले कुल 74 लोग (70 महिलाएं और चार पुरुष) इससे प्रभावित हुए, जिन्हें सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। हालांकि, दुर्भाग्य से इस त्रासदी में पांच महिलाओं की मौत हो गयी।

मंत्री ने कहा कि 15 लोगों को सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और 27 अन्य का निजी अस्पतालों के गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के निर्देशों के अनुसार उन सभी को उच्च गुणवत्ता वाला इलाज प्रदान किया जा रहा है।

श्री फरवास ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये की राहत राशि देने की घोषणा की है। साथ ही सरकारी खर्च पर अंतिम संस्कार के लिए उनके शवों को उनके मूल राज्यों में भेजने की व्यवस्था की जायेगी।

श्री फरवास ने बताया कि मुख्यमंत्री ने तुरंत एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है जो विस्तृत जांच कर 24 घंटे के भीतर अंतरिम रिपोर्ट और तीन दिनों में अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समितियों का गठन करके सभी खतरनाक उद्योगों में संयुक्त निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया है और इस संबंध में कदम उठाए जा रहे हैं।

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