देहरादून , अगस्त 11 -- उत्तराखंड के चमोली जिले के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग स्थित तमकनाला में 10 अगस्त को अत्यधिक जल प्रवाह एवं बड़ी मात्रा में मलबा आने से वैली ब्रिज बह जाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने देश के प्रमुख वैज्ञानिक एवं तकनीकी संस्थानों से घटना का विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन कराने का अनुरोध किया है।
इस संबंध में वाडिया हिमालयी भू-विज्ञान संस्थान, राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एनआरएससी), भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (आईआईआरएस), उत्तराखण्ड अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (यू-सैक), भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई), भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) तथा राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (एनआईएच) के निदेशकों को पत्र भेजा गया है। संबंधित संस्थानों से तमकनाला के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र का अध्ययन कर अचानक बढ़े जलप्रवाह के वास्तविक स्रोत की पहचान करने को कहा गया है।
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