मुंबई , मार्च 12 -- पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और युद्ध की स्थिति के बीच, सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर चला टैंकर 'शेनलोंग सुएज़मैक्स' गुरुवार को सुरक्षित रूप से मुंबई बंदरगाह पहुंच गया। लाइबेरिया के ध्वज वाले इस विशाल टैंकर ने रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को सफलतापूर्वक पार कर अपनी यात्रा पूरी की।
सऊदी अरब के महत्वपूर्ण तेल टर्मिनल 'रास तनुरा' से कच्चा तेल लादकर यह जहाज एक मार्च को रवाना हुआ था। इस जहाज की कमान एक भारतीय अधिकारी (कैप्टन) के हाथों में थी। मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अरब सागर को पार कर बंदरगाह पहुंचने से पहले, इस टैंकर ने ईरानके अधिकारियों से आवश्यक क्लीयरेंस प्राप्त की थी, जिसके बाद ही इसने इस संकरे समुद्री मार्ग को पार किया।
यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब ईरान ने इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर निगरानी और परिचालन प्रतिबंध कड़े कर दिये हैं। हाल ही में ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर' के नौसेना कमांडर अलीरेजा तंगसिरी ने चेतावनी दी थी कि ईरानी निर्देशों की अनदेखी करने वाले जहाजों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, अनुमति न लेने के कारण हाल में कुछ जहाजों को ईरानी बलों ने निशाना भी बनाया था।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा शिपिंग मार्गों में से एक है और प्रतिदिन दो करोड़ बैरल से अधिक कच्चा तेल यहां से गुजरता है, जो वैश्विक दैनिक खपत का लगभग 20 प्रतिशत है।
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