नयी दिल्ली , जुलाई 28 -- सरकार ने मंगलवार को राज्य सभा में बताया कि भारत में तकनीकी वस्त्र शिक्षा के लिए शैक्षणिक संस्थानों को सक्षम बनाने हेतु सामान्य दिशानिर्देश जारी किये गये हैं जो निजी एवं सार्वजनिक संस्थानों के लिए लागू किए जा रहे हैं और इनके अनुसार अब तक 56 पाठ्यक्रम शुरू हो चुके हैं।
वस्त्र मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (एनटीटीएम) के अंतर्गत जारी इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य देश भर के आधिकारिक शैक्षणिक संस्थानों को तकनीकी वस्त्रों के विभिन्न अनुप्रयोग क्षेत्रों से संबंधित पाठ्यक्रमों एवं विषय-पत्रों के संचालन के लिए प्रोत्साहित करना और सक्षम बनाना है।यह जानकारी केंद्रीय वस्त्र राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
उन्होंने कहा कि इन दिशा निर्देशों के अंतर्गत स्नातक (यूजी) एवं स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर पर तकनीकी वस्त्रों से संबंधित कुल 59 पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, देशभर के विभिन्न तकनीकी विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों से प्राप्त 47 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनके माध्यम से प्रयोगशाला उपकरणों के उन्नयन तथा संकाय सदस्यों के प्रशिक्षण सहित शैक्षणिक अवसंरचना को सुदृढ़ किया जाएगा। इन पहलों के लिए कुल 216.60 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह योजना पूरे देश में तकनीकी वस्त्र क्षेत्र के पात्र शिक्षण संस्थानों के लिए खुली है। इसी तरह राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (एनटीटीएम) के अंतर्गत, मंत्रालय द्वारा औद्योगिक मानव संसाधन के कौशल उन्नयन के उद्देश्य से "तकनीकी वस्त्रों में उम्मीदवारों के कौशल विकास एवं प्रशिक्षण हेतु सामान्य दिशानिर्देश" को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य तकनीकी वस्त्र क्षेत्र में आवश्यक कुशल मानव संसाधन का विकास करना है।
मंत्री ने बताया कि वस्त्र अनुसंधान संघों, उत्कृष्टता केंद्रों, क्षेत्रीय कौशल परिषदों तथा उद्योग निकायों सहित अनेक कार्यान्वयन एजेंसियों (आईए) को विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में सूचीबद्ध किया गया है। इन एजेंसियों को क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों को प्रशिक्षण प्रदान करने तथा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया माध्यमों के साथ-साथ जागरूकता शिविरों के आयोजन के माध्यम से देश के सभी क्षेत्रों में संभावित लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करने का दायित्व सौंपा गया है। इस पहल के अंतर्गत नबरंगपुर लोकसभा क्षेत्र सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी वस्त्रों से संबंधित कौशल विकास एवं जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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