बैतूल , अगस्त 01 -- मध्य प्रदेश के बैतूल में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय के सभाकक्ष में दंत चिकित्सकों और मेडिकल ऑफिसरों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में तंबाकू व्यसन मुक्ति सेवाओं को सशक्त बनाना तथा तंबाकू सेवन करने वाले मरीजों की पहचान, परामर्श, उपचार, फॉलोअप और रेफरल व्यवस्था को प्रभावी बनाना था।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कुमार हुरमाडे ने कहा कि तंबाकू और धूम्रपान गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण हैं। इनके सेवन से कैंसर, फेफड़ों, हृदय और मस्तिष्क संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बुजुर्गों के साथ युवा और स्कूली बच्चे भी तंबाकू की लत का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में सभी चिकित्सकों की जिम्मेदारी है कि अस्पताल आने वाले तंबाकू सेवनकर्ताओं की पहचान कर उन्हें नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करें और आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराएं।

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