वाराणसी , अक्टूबर 24 -- काशी के विख्यात गोल्डेन स्पोर्टिंग क्लब, देवनाथपुरा की मां दुर्गा की प्रतिमा को शुक्रवार देर शाम भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ढाक की थाप और शंखनाद के बीच नम आंखों से विदाई दी गई। विसर्जन शोभायात्रा में पश्चिम बंगाल से आए 51 से अधिक ढाकियों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप से माहौल को भक्तिमय बना दिया। इस दौरान बंगाली महिलाओं ने पारंपरिक लाल किनारी वाली सफेद साड़ियों में धुनुची नृत्य कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

शोभायात्रा के गोदौलिया पहुंचने पर परिक्रमा के दौरान महापौर अशोक कुमार तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव और विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी भी शामिल हुए। मां दुर्गा की प्रतिमा के दर्शन के लिए काशी सहित अन्य स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। काशी में अन्य प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद गोल्डेन स्पोर्टिंग क्लब की प्रतिमा का विसर्जन किए जाने की परंपरा है। शोभायात्रा के दौरान 'हर-हर महादेव' और मां दुर्गा के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।

क्लब परिसर से निकली विसर्जन यात्रा जंगमबाड़ी और मैदागिन होते हुए कंपनी बाग की ओर रवाना हुई। संकरी गलियों से गुजरती शोभायात्रा में श्रद्धालु मां दुर्गा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। ढाक की थाप, शंखनाद और धुनुची नृत्य ने बंगाल की पारंपरिक दुर्गापूजा संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत की।

विसर्जन यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। पीएसी, सीआरपीएफ और आठ थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही। इसके अलावा ड्रोन कैमरों से भी शोभायात्रा की निगरानी की गई। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

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