राजनांदगांव , अक्टूबर 16 -- छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी मंदिर की पारंपरिक पंचमी भेंट यात्रा गुरुवार रात शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। पिछले आयोजनों में पूजा पद्धति और मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश को लेकर सामने आए मतभेदों के बीच इस बार खैरागढ़ राजपरिवार, गोंड समाज और मंदिर ट्रस्ट समिति के आपसी समन्वय से धार्मिक अनुष्ठान पूरे किए गए। आयोजन में बस्तर से पहुंचे 15 आंगादेव और मां बम्लेश्वरी के नाम की नई डांग विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
आज प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंचमी भेंट का शुभारंभ गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे खैरागढ़ राजपरिवार के डोंगरगढ़ स्थित राजमहल लाल निवास से हुआ। यहां आदिवासी समाज के लोगों ने अपनी पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप पूजा-अर्चना की। इसके बाद नगर के विभिन्न देवी-देवता स्थलों पर धार्मिक अनुष्ठान किए गए और बस्तर से पहुंचे आंगादेव का स्वागत किया गया।
पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में शामिल आदिवासी समाज के लोगों ने धार्मिक प्रतीकों के साथ यात्रा निकाली। इस वर्ष बस्तर से 15 आंगादेव के आगमन के साथ मां बम्लेश्वरी के नाम पर नई डांग तैयार की गई थी। आदिवासी समाज में आंगादेव और डांग का विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व है। इन्हें पूर्वजों से चली आ रही आस्था और परंपराओं का प्रतीक माना जाता है।
यात्रा लाल निवास से निकलकर छीरपानी स्थित प्राचीन बूढ़ादेव गुफा पहुंची, जहां विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं का समूह मेला ग्राउंड होते हुए नीचे स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर परिसर पहुंचा। मंदिर ट्रस्ट समिति के पदाधिकारियों ने यात्रा में शामिल लोगों का स्वागत किया। पूरे आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी रही।
मां बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने आयोजन के शांतिपूर्ण समापन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे आदिवासी समाज के लोगों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया। हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया। उन्होंने भविष्य में भी इस पारंपरिक यात्रा का स्वागत करने की बात कही।
खैरागढ़ राजपरिवार के राजकुमार भवानी बहादुर सिंह ने पंचमी भेंट के सफल आयोजन के लिए गोंड समाज, मंदिर ट्रस्ट समिति और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राजपरिवार सभी समाजों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखता है। पूर्व में उत्पन्न मतभेदों का समाधान आपसी बातचीत, सहयोग और सहमति के माध्यम से किया जाना आवश्यक है।
भवानी बहादुर सिंह ने मंदिर ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल सहित सभी सदस्यों तथा गोंड समाज के लोगों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने आयोजन में संतोष पडोती की भूमिका की भी प्रशंसा करते हुए डोंगरगढ़ सहित पूरे छत्तीसगढ़ में सामाजिक सद्भाव, भाईचारा और आपसी मेलजोल बनाए रखने की कामना की।
उल्लेखनीय है कि डोंगरगढ़ में पूर्व के पंचमी भेंट आयोजनों के दौरान पूजा की परंपरागत विधि, गर्भगृह में प्रवेश तथा विभिन्न पक्षों की भूमिका को लेकर मतभेद सामने आए थे। इन परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने इस बार आयोजन से पहले खैरागढ़ राजपरिवार, गोंड समाज और मंदिर ट्रस्ट समिति के प्रतिनिधियों से चर्चा कर सहमति बनाने की पहल की थी।
प्रशासनिक स्तर पर किए गए समन्वय और पुलिस की सुरक्षा संबंधी तैयारियों के चलते यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य रही तथा किसी प्रकार का विवाद सामने नहीं आया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित