नयी दिल्ली, अप्रैल 12 -- खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने फिट इंडिया मूवमेंट के फिटनेस आइकन और एमएमए की दुनिया में इतिहास रचने वाले संग्राम सिंह का ब्यूनस आयर्स में योग और प्राणायाम का प्रचार करने के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है। इसके अलावा भी वह कई मंचों से कह चुके हैं कि योग और प्राणायाम को दुनिया भर में घर-घर तक पहुंचाना प्रधानमंत्री का सपना है और वह खेलों को निचले स्तर पर ऊपर उठाना चाहते हैं जिससे भारत खेलों में एक शक्ति के तौर पर उभरकर सामने आये।

डॉ. मनसुख मांडविया का कहना है कि प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने के लिए अगर खेल मंत्रालय की किसी भी योजना के तहत संग्राम सिंह युवाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें प्रेरित करने के लिए अगर आगे आते हैं तो उन्हें खेल मंत्रालय की तरफ से पूरा सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने ऐसे कामों के लिए उन्हें हर सम्भव मदद का भरोसा दिया।

डॉ. मांडविया का मानना है कि खिलाड़ियों को किसी भी स्थिति में अनुशासन के साथ समझौता नहीं करना चाहिए। उन्हें समय पर खाने और समय पर सोने के नियम के साथ ही अपने डेली रूटीन कार्यक्रम का कड़ाई से पालन करना चाहिए। ये सब बातें खिलाड़ी को विश्व स्तर का बनाने की दिशा में पहला कदम होना चाहिए। उन्हें खुशी है कि खिलाड़ियों ने इन मूलभूत नियमों का पालन किया, उसके अच्छे परिणाम भी देखने को मिले हैं। डॉ. मांडविया ने अपने ये उद्गार यहां खेल मंत्रालय के फिटनेस आइकन संग्राम सिंह को व्यक्त किए।

दोहरे कॉमनवेल्थ हैवीवेट चैम्पियन संग्राम सिंह अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में अपनी तीसरी एमएमए फाइट जीतने के बाद स्वदेश लौटे हैं। शुक्रवार को भारतीय खेल प्राधिकरण के उप-महानिदेशक मंयक श्रीवास्तव ने नेहरू स्टेडियम में उन्हें सम्मानित किया। शनिवार को डॉ. मांडविया संग्राम सिंह के अर्जेंटीना में योग और प्राणायम का संदेश देने से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी आपसे बहुत कुछ सीखती है। उन्हें आप ज़्यादा से ज़्यादा अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित करने और तय कार्यक्रम को अपनाने का संदेश दें। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि राजनीति में तमाम तरह की व्यस्तताओं और उठापटक के बीच इन नियमों का पालन करना बड़ी चुनौती बन जाते हैं लेकिन वह दिनचर्या संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करने की पूरी कोशिश करते हैं। वह शाम सात बजे से पहले रात का खाना खा लेते हैं। सुबह जल्दी उठकर व्यायाम करना कभी नहीं भूलते।

पिछले रविवार की रात को पूर्व वर्ल्ड हैवीवेट चैम्पियन संग्राम सिंह ने ब्यूनस आयर्स में इतिहास रच दिया था। उन्हें अर्जेंटीना में एमएमए फाइट जीतने वाले पहले भारतीय होने का गौरव हासिल हुआ। उम्र में 16 साल छोटे फ्रांस के फाइटर फ्लोरियन काउडियर को उन्होंने बयूनस आयर्स के खचाखच भरे टिगरे स्पोर्ट्स क्लब स्टेडियम में महज एक मिनट 45 सेकंड में धराशायी कर दिया था। तिबस्ली (जॉर्जिया) और एम्स्टर्डम (नीदरलैंड) में जीत के बाद उन्होंने एमएमए में जीत की हैट्रिक भी पूरी की थी। इस फाइट में उन्हें कुश्ती के दांव पेंचों का काफी फायदा हुआ। एमएमए के एशियाई खेलों में शामिल किए जाने पर भी डॉ. मांडविया और संग्राम सिंह में बातचीत हुई। मांडविया ने उन्हें भरोसा दिलाया कि संग्राम सिंह अगर युवाओं को किसी भी तरह से आगे बढ़ाने या उन्हें प्रेरित करने के किसी भी काम में आगे आते हैं खेल मंत्रालय उनके साथ खड़ा है।

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