भोपाल , अप्रैल 5 -- मध्यप्रदेश के चिकित्सक डॉ. भुवनेश्वर गर्ग को वाशिंगटन डीसी में 8 से 11 अप्रैल 2026 तक आयोजित होने वाले वैश्विक सम्मेलन 'डायबिटिक लिम्ब साल्वेज' में अपना शोध प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह सम्मेलन मेडस्टार हेल्थ द्वारा आयोजित किया जा रहा है और इसमें विश्वभर के विशेषज्ञ भाग लेंगे।

डॉ. गर्ग ने अब तक 2500 से अधिक सफल मामलों के अनुभव के साथ 450 से अधिक एंड-स्टेज डायबिटिक गैंग्रीन के मरीजों के अंगों को कटने से बचाने में सफलता प्राप्त की है। उनका शोध पारंपरिक उपचारों से उत्पन्न होने वाले टॉक्सिक वुंड एनवायरनमेंट और एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस जैसी गंभीर चुनौतियों का प्रभावी समाधान प्रस्तुत करता है।

उन्होंने अपने शोध में एक नई हीलिंग पदानुक्रम अवधारणा प्रस्तुत की है, जिसके अनुसार गहरे ऊतक जैसे हड्डी और मांसपेशी पहले विकसित होते हैं तथा लगभग 14 दिनों में त्वचा की गहरी परत का पुनर्निर्माण संभव होता है। इसके साथ ही 'हीलिंग एट होम' मॉडल के तहत व्हाट्सएप आधारित टेली-सुपरविजन के माध्यम से मरीजों को घर पर ही विशेषज्ञ देखरेख में उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे अस्पतालों पर निर्भरता और खर्च दोनों कम हो रहे हैं।

डॉ. गर्ग ने केंद्र और राज्य सरकार से इस नवाचार को राष्ट्रीय मिशन के रूप में अपनाने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि यह मॉडल स्वास्थ्य सेवाओं की लागत को कम करने के साथ-साथ पैरामेडिकल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन कर सकता है और भारत को मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकता है। उन्होंने कहा कि यह 'मेड इन भारत' पहल देश को अंग-विच्छेदन मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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