छिंदवाड़ा , अगस्त 04 -- मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में अवैध सागौन कटाई और तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने डॉग स्क्वॉड की मदद से बड़ी कार्रवाई करते हुए 85 हजार रुपये से अधिक मूल्य की अवैध सागौन की लकड़ी जब्त की है। मामले में वन अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
वन विभाग के अनुसार कुंभपानी वन परिक्षेत्र के डोला बीट, सर्किल ठोंटा अंतर्गत आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 1403 में अवैध सागौन कटाई की सूचना मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। अभियान में पुलिस एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी शामिल किया गया। टीम के साथ खोजी श्वान 'ग्लो' को भी मौके पर ले जाया गया।
डॉग स्क्वॉड ने घटनास्थल से सुराग लेते हुए टीम को ग्राम नाहरझिर पहुंचाया, जहां खोजी श्वान ने सुनील गढ़ेवाल, संतोष गढ़ेवाल और पवन गढ़ेवाल के मकानों की ओर संकेत किया। इसके बाद सुनील गढ़ेवाल के घर की तलाशी लेने पर सागौन के चार चिरपट और तीन लट्ठे बरामद हुए, जिन्हें जब्त कर शासकीय अभिरक्षा में लिया गया।
वन विभाग का आरोप है कि जब जब्ती पंचनामा तैयार किया जा रहा था, तब कुछ लोगों ने शासकीय कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास किया। आरोपियों ने जब्त की गई लकड़ी को हटाने तथा छिपाने की कोशिश की। साथ ही खेत में रखी अन्य अवैध सागौन की लकड़ी को भी हटाकर साक्ष्य प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिछुआ पुलिस और राजस्व विभाग को सूचना दी गई। इसके बाद तहसीलदार और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। संयुक्त निरीक्षण के बाद मौका पंचनामा तैयार कर कार्रवाई पूरी की गई।
वन विभाग ने 03 अगस्त को दोबारा ग्राम नाहरझिर में दबिश दी। इस दौरान संतोष गढ़ेवाल के खेत की तलाशी में सागौन के तीन और लट्ठे बरामद हुए। जब्त वनोपज का अनुमानित मूल्य 85 हजार 308 रुपये आंका गया है।
वन अधिकारियों ने बताया कि संबंधित वन क्षेत्र पेंच टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र का महत्वपूर्ण वन एवं वन्यजीव आवास है। यहां अवैध वृक्ष कटाई और सागौन की तस्करी से प्राकृतिक पारिस्थितिकी तथा वन्यजीवों के आवास को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
मामले में भारतीय वन अधिनियम, 1927 तथा वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। वन विभाग ने कहा है कि शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने और साक्ष्य मिटाने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध भी अलग से वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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