सरगुजा , मार्च 22 -- छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर स्थित संजय पार्क रेस्क्यू सेंटर में 15 हिरणों की मौत से वन विभाग में हलचल मच गई है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जंगल की ओर से आए आवारा कुत्तों के झुंड ने रेस्क्यू सेंटर में घुसकर हिरणों पर हमला किया था। कुत्तों के काटने से गंभीर रूप से घायल हुए हिरणों की मौत 22 मार्च की सुबह हो गई। घटना के बाद वन विभाग ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

सरगुजा वन मंडल अधिकारी अभिषेक जोगावत से रविवार को मिली जानकारी के अनुसार घटना 20 मार्च की देर रात हुई, जब जंगल के रास्तों से आवारा कुत्तों का एक झुंड रेस्क्यू सेंटर परिसर में प्रवेश कर गया। कुत्तों ने वहां रखे हिरणों का शिकार करने की कोशिश की, जिससे कई हिरण गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का उपचार किया गया, लेकिन रविवार सुबह तक 15 हिरणों की मौत हुई है।

सरगुजा वनमंडल अधिकारी अभिषेक जोगावत के ही मुताबिक, इस वनमंडल क्षेत्र में अलग से रेस्क्यू सेंटर उपलब्ध नहीं है। इसी कारण संजय पार्क के एक हिस्से को अस्थायी रूप से रेस्क्यू सेंटर के रूप में उपयोग किया जाता है, जहां वन क्षेत्र से घायल या असहाय जंगली जानवरों को लाकर उनका उपचार और देखभाल की जाती है। उन्होंने कहा कि मृत हिरण पूरी तरह स्वस्थ हो चुके थे और उन्हें जल्द ही जंगल में वापस छोड़े जाने की योजना थी।

वनमंडल अधिकारी के ही अनुसार सभी मृत हिरणों का पोस्टमार्टम वन्य चिकित्सक की उपस्थिति में कराया गया है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम के बाद उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए अनुभाग अधिकारी (एसडीओ) की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की गई है। समिति यह पता लगाएगी कि सुरक्षा व्यवस्था में किस स्तर पर चूक हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी निर्णय लिए जाएंगे, ताकि रेस्क्यू सेंटर में रखे वन्य जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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