बैतूल , अक्टूबर 28 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिला अस्पताल में डॉक्टर बनकर प्रसूता महिलाओं के परिजनों से सीजर डिलीवरी और बेहतर इलाज के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने के आरोप में कोतवाली पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ इंदौर और भोपाल में भी इसी तरह के मामले दर्ज हैं।
पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान जितेंद्र खाकरे (30), निवासी ग्राम खापा, थाना आठनेर, जिला बैतूल के रूप में हुई है। वह खुद को अस्पताल का डॉक्टर बताकर मरीजों के परिजनों को फोन करता था और ऑपरेशन व बेहतर उपचार का झांसा देकर क्यूआर कोड के माध्यम से यूपीआई से रकम ट्रांसफर करवा लेता था।
पुलिस के अनुसार, बैतूल निवासी विजय नागले ने 19 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई थी कि पत्नी की सीजर डिलीवरी के दौरान आरोपी ने बेहतर टांके और ऑपरेशन के नाम पर उनसे पांच हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। इसी तरह अन्य मरीजों के परिजनों से भी रकम ऐंठी गई। एक अन्य मामले में बच्चे के गले में नाल फंसने पर हमीदिया अस्पताल भोपाल रेफर करने के नाम पर 24 हजार रुपये की ठगी किए जाने की बात सामने आई है।
शिकायत पर कोतवाली थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे और एसडीओपी अन्नपूर्णा सिरसाम के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 27 अक्टूबर को आरोपी को गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ इंदौर के संयोगितागंज थाने में वर्ष 2025 में ऑपरेशन के नाम पर ठगी का मामला दर्ज है। वहीं, भोपाल के कोहेफिजा थाने में हमीदिया अस्पताल का डॉक्टर बनकर प्रसव के नाम पर ठगी करने का प्रकरण दर्ज है। पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अपील की है कि इलाज या सीजर डिलीवरी के नाम पर फोन से पैसे मांगने वाले अज्ञात व्यक्तियों पर भरोसा न करें और अस्पताल प्रबंधन से पुष्टि किए बिना किसी क्यूआर कोड पर भुगतान न करें। ठगी होने पर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।
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