सियोल (दक्षिण कोरिया) , सितंबर 19 -- दक्षिण कोरिया के खिलाफ दूसरे दौर के क्वालिफायर मुकाबले में 3-1 से हारने के बाद भारतीय टेनिस टीम शनिवार को डेविस कप 2026 से बाहर हो गई। आज यहां खेले गये मुकाबले में एन श्रीराम बालाजी और दक्षिणेश्वर सुरेश ने युगल मैच जीतकर भारत की वापसी की उम्मीदें जगाई थीं, लेकिन एकल में सुमित नागल की हार ने दक्षिण कोरिया को ऐसी बढ़त दिला दी जिसे पार करना मुश्किल था और साथ ही उन्हें 'फाइनल 8' में जगह भी पक्की करा दी। इस हार का मतलब है कि भारत अब 2027 डेविस कप क्वालिफायर के पहले दौर में खेलेगा।
शुक्रवार को दक्षिणेश्वर सुरेश और सुमित नागल के अपने शुरुआती एकल मैच हारने के बाद भारत दिन की शुरुआत 2-0 से पीछे रहते हुए कर रहा था, लेकिन पहला युगल मैच जीतकर उन्होंने अपनी उम्मीदें बनाए रखीं। युगल में दुनिया के 49वें नंबर के खिलाड़ी एन श्रीराम बालाजी और दक्षिणेश्वर सुरेश ने दक्षिण कोरिया के नाम जी-सुंग और पार्क उई-सुंग को 6-3, 3-6, 6-3 से हराकर भारत को मुकाबले में बनाए रखा।
भारतीयों खिलाड़ियों ने शुरुआती सेट में जल्दी ही बढ़त बना ली थी। उन्होंने चौथे गेम में प्रतिद्वंद्वियों की सर्विस तोड़ी, लेकिन अगले ही गेम में अपनी सर्विस गंवा दी। हालांकि, श्रीराम बालाजी और दक्षिणेश्वर सुरेश ने छठे गेम में एक और ब्रेक के साथ वापसी की और फिर अपनी सर्विस बचाकर पहला सेट जीत लिया। नाम जी-सुंग और पार्क उई-सुंग ने दूसरे सेट में वापसी की। उन्होंने छठे गेम में भारतीयों की सर्विस तोड़ी और फिर अपनी सर्विस बचाकर मैच को निर्णायक सेट तक पहुंचा दिया।
निर्णायक सेट आठवें गेम तक सर्विस के अनुसार ही चल रहा था, जब बालाजी और सुरेश ने एक बहुत ज़रूरी ब्रेक हासिल किया और फिर अपनी सर्विस बचाकर मुकाबला जीत लिया और भारत की उम्मीदें बनाए रखीं। हालांकि, भारत की वापसी की कोई भी उम्मीद जल्द ही खत्म हो गई, क्योंकि 157वीं रैंकिंग वाले क्वोन सून-वू ने देश के शीर्ष रैंकिंग वाले सिंगल्स टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल को 6-1, 6-2 से हराकर दक्षिण कोरिया के लिए मुकाबला जीत लिया।
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