, Jan. 27 -- कोपेनहेगन, 27 जनवरी (वार्ता/स्पूतनिक) डेनमार्क ने जर्मनी के साथ मिलकर बोर्नहोम एनर्जी आइलैंड नामक एक प्रमुख अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजना को संयुक्त रूप से विकसित करने पर सहमति व्यक्त की है। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
सुश्री फ्रेडरिक्सन ने हैम्बर्ग में उत्तरी सागर शिखर सम्मेलन के दौरान जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, " यह एक सीमा पार परियोजना है जो यूरोपीय ऊर्जा बाजार को एकीकृत करती है। यह जर्मन घरों, डेनमार्क के घरों और हमारी कंपनियों को हरित विद्युत प्रदान करती है।"उन्होंने कहा कि यह अपनी तरह की पहली परियोजना है। डीपीए की एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी सागर शिखर सम्मेलन में जर्मनी और डेनमार्क ने बाल्टिक सागर में बोर्नहोम द्वीप पर एक संयुक्त ऊर्जा केंद्र स्थापित एवं संचालित करने के लिए भी एक समझौता पर हस्ताक्षर किया।
गौरतलब है कि इस द्वीप को बाल्टिक सागर में स्थित अपतटीय पवन ऊर्जा संयंत्रों से जर्मनी और डेनमार्क तक विद्युत पहुंचाने वाले केंद्र के रूप में उपयोग करने की योजना है। परियोजना के अंतर्गत दोनों देशों ने आवश्यक उपकरणों के निर्माण एवं रखरखाव की लागत साझा करने पर सहमति व्यक्त की है।
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