जयपुर , अगस्त 01 -- राजस्थान में इटर्नल हॉस्पिटल, जयपुर के ईएनटी विभाग ने जन्मजात बहरेपन के इलाज में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए डेढ़ वर्षीय बालक के दोनों कानों में अत्याधुनिक नेक्सा स्मार्ट कोरलीयर का सफल प्रत्यारोपण किया।

यह सर्जरी स्मार्टनेव टीएमवाई प्रौद्योगिकी की सहायता से की गयी, जिससे ऑपरेशन की सटीकता और सुरक्षा को नयी मजबूती मिली। इस तकनीक से की गयी सर्जरी के दौरान सर्जन को वास्तविक समय में जानकारी उपलब्ध कराती है। इसकी मदद से यह तुरंत सुनिश्चित किया जा सकता है कि प्रत्यारोपण इलेक्ट्रोड सही स्थान पर स्थापित हुआ है। इलेक्ट्रोड की स्थिति में किसी प्रकार की असामान्यता होती है, तो उसका संकेत तुरंत मिल जाता है, जिससे उसी समय आवश्यक सुधार किया जा सकता है।

इस तकनीक से सर्जरी की सटीकता, सुरक्षा और सफलता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। साथ ही, ऑपरेशन के दौरान प्राप्त तकनीकी जानकारी का उपयोग बाद में कॉक्लियर प्रत्यारोपण की प्रोग्रामिंग को और अधिक प्रभावी बनाने में भी किया जाता है।

इस उपलब्धि पर इटर्नल हॉस्पिटल के वरिष्ठ ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. नीरज कासलीवाल एवं डॉ. अश्वथ कासलीवाल ने बताया कि जन्मजात बहरेपन से पीड़ित बच्चों के लिए कम उम्र में कॉक्लियर प्रत्यारोपण कराना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। जीवन के शुरुआती वर्षों में सुनने की क्षमता विकसित होने से बच्चे का सुनने, बोलने, भाषा सीखने और मानसिक विकास सामान्य बच्चों की तरह बेहतर ढंग से हो पाता है। समय पर उपचार मिलने से बच्चा सामान्य जीवन की ओर तेजी से बढ़ सकता है और भविष्य में बेहतर शिक्षा एवं सामाजिक विकास की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

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