नयी दिल्ली , सितंबर 2 -- वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि देश में विकसित हो रहे डेटा सेंटरों और सेमीकंडक्टर विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र से आने वाले वर्षाें में देश की आर्थिक वृद्धि को और गति मिलेगी तथा विकसित भारत की यात्रा में मदद मिलेगी।

श्री गोयल यहां वाणिज्य भवन में आयोजित "भारत के डेटा सेंटर इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए व्यापार सुगमता (ईओडीबी)" विषय पर कंपनी जगत के प्रतिनिधियों के साथ एक गोलमेज सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस गोलमेज सम्मेलन में डेटा सेंटर उद्योग के हितधारकों के साथ इस सेक्टर को और बढ़ावा देने तथा कारोबार सुगमता बढ़ाने पर उपयोगी चर्चा हुई।

श्री गोयल ने डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर उद्योगों की क्षमता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) में भारत की बढ़ती उपस्थिति और वैश्विक गुणवत्ता वाले उत्पादों के लिए इसके विस्तारित विनिर्माण आधार पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, " डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर सेक्टर आने वाले वर्षों में भारत की वृद्धि को गति देंगे और 2047 तक 30 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि हितधारकों के साथ हुई बातचीत सकारात्मक रही और भारत सरकार के विभिन्न विभागों और राज्यों के बीच हुई चर्चाओं से कई मुद्दों का समाधान हुआ।" उन्होंने डेटा सेंटर उद्योग की तैयारियों पर संतोष जताते हुए कहा कि इस उद्योग में लगभग 200 अरब डॉलर का निवेश होने की संभावना है।

श्री गोयल ने वैश्विक अनिश्चितता और अस्थिरता के बीच भारत की विकास संभावनाओं पर विश्वास व्यक्त किया और पहली तिमाही में देश की 7.8 प्रतिशत वृद्धि का उल्लेख किया। उन्होंने भारत की जनता और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को उनके निर्णायक नेतृत्व और प्रत्येक भारतीय में अमृतकाल और विकसित भारत 2047 के विजन में योगदान देने का विश्वास जगाने के लिए बधाई दी।

मंत्रालय पहले भी इस तरह की चर्चा का आयोजन कर चुका है। इस बार की बैठक में चर्चा का केंद्र बिंदु व्यापार करने में सुगमता और डेटा सेंटर अवसंरचना, विशेष रूप से बिजली, भूमि, नियामक और वित्तीय मुद्दों से संबंधित उपयोग था। चर्चाओं में क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) वर्कलोड से उत्पन्न तेजी से बढ़ती मांग पर प्रकाश डाला गया। 2026 की पहली छमाही में डेटा सेंटर के उपयोग में हाइपरस्केलर्स की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत से अधिक रही, जो एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भारत के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने को रेखांकित करता है।

इस गोलमेज सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, वैश्विक हाइपरस्केलर्स के सीईओ और वरिष्ठ प्रतिनिधि, डेटा सेंटर डेवलपर और ऑपरेटर, निवेशक, अवसंरचना प्रदाता और अन्य प्रमुख हितधारक शामिल थे। आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश सरकारों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ-साथ लगभग 46 डेटा सेंटर कंपनियों के प्रतिनिधियों ने गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया।

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