मोहाली , मई 08 -- पंजाब के मोहाली जिले में हर शुक्रवार डेंगू ते वार अभियान के तहत जिला स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने आज जिले के विभिन्न हाई-रिस्क और अन्य क्षेत्रों में कंटेनर सर्वे कर लोगों को डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक किया।

जिला स्तरीय अभियान के दौरान सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन ने लोगों से अपील की कि वे कहीं भी पानी जमा न होने दें, ताकि मच्छरों का प्रजनन रोका जा सके। उन्होंने मोहाली के निकट गांव बरहमाजरा में घर-घर जाकर कूलरों और पानी जमा होने वाले अन्य बर्तनों की जांच की। इस दौरान उन्होंने गांव स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर डेंगू रोकथाम अभियान में सहयोग की अपील भी की।

डॉ. जैन ने कहा कि गांवों में पंचायतों और समितियों के सहयोग से लोगों को डेंगू से बचाव के प्रति बेहतर तरीके से जागरूक किया जा सकता है और गांवों को डेंगू मुक्त बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरी कोशिश कर रही हैं, लेकिन जनता का सहयोग भी बेहद जरूरी है।

जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. अनामिका सोनी ने नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों और अन्य लोगों को डेंगू के लक्षण, कारण, बचाव और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डेंगू की जांच और इलाज निशुल्क उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए लोग मेडिकल हेल्पलाइन नंबर 104 पर संपर्क कर सकते हैं।

इस मौके पर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रीत मोहन सिंह और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

डेंगू बुखार एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द शामिल हैं। गंभीर स्थिति में नाक, मुंह और मसूड़ों से खून आना, मतली और उल्टी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

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