कानपुर , सितंबर 9 -- कानपुर नगर के डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग ने बुखार सर्वेक्षण, जांच और निरोधात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने के साथ फॉगिंग, सोर्स रिडक्शन तथा ओआरएस और क्लोरीन टैबलेट का वितरण कराया जा रहा है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशों के क्रम में नोडल अधिकारी (वीबीडी) डॉ. राजेश्वर सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी अरुण कुमार सिंह, मलेरिया निरीक्षक गौतम पुरवार, लैब टेक्नीशियन गणेश शंखवार, सहयोगी संस्था पाथ के रीजनल कोऑर्डिनेटर डॉ. शिवकांत तथा जनपदीय टीम ने ब्लॉक चौबेपुर के ग्राम किशुनपुर में डेंगू के लगातार सामने आ रहे मामलों के मद्देनजर चलाए जा रहे बुखार सर्वेक्षण, जांच, सोर्स रिडक्शन और अन्य निरोधात्मक गतिविधियों का निरीक्षण किया।

इस दौरान लोगों को डेंगू तथा अन्य वाहक जनित रोगों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया गया। ग्राम किशुनपुर में मलेरिया निरीक्षक गौतम पुरवार की टीम ने सोर्स रिडक्शन, लार्वीसाइडल स्प्रे, बुखार सर्वेक्षण, इंडोर स्पेस स्प्रे, आवश्यक जांच और जनजागरूकता संबंधी गतिविधियां कीं। एक महिला के घर में मच्छरों के प्रजनन की स्थिति पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया तथा बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

मेहरबान सिंह का पुरवा, ब्लॉक बिधनू तथा तात्या टोपे नगर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. नीरज सचान द्वारा प्रतिदिन आयोजित स्वास्थ्य शिविरों और सोर्स रिडक्शन गतिविधियों का भौतिक निरीक्षण किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आश्रय लिए लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।

नगर निगम से समन्वय स्थापित कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष रूप से शाम के समय फॉगिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में ओआरएस पैकेट और क्लोरीन टैबलेट भी वितरित किए गए।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जनपद के विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में एंटमोलॉजिकल सर्वेक्षण, सोर्स रिडक्शन, लार्वानाशक छिड़काव, इंडोर स्पेस स्प्रे तथा जनजागरूकता अभियान चलाया गया। लोगों से घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने तथा मच्छरों के प्रजनन स्थल तत्काल नष्ट करने की अपील की गई।

लोगों को खुले में शरीर के अधिक हिस्से को न रखने, मच्छररोधी उपाय अपनाने तथा वाहक जनित एवं अन्य संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बुधवार को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 936 घरों का सर्वेक्षण किया गया, जिनमें 13 घर लार्वा धनात्मक पाए गए। कुल 7,619 पात्रों का सर्वेक्षण किया गया और 13 घरों में पाए गए लार्वा को नष्ट कराया गया।

सर्वेक्षण और निरोधात्मक गतिविधियां गडरिया मोहाल, शूटरगंज, तिवारीपुर, लक्ष्मीपुरवा, धर्मेंद्र नगर, रतनलाल नगर, हरिजन बस्ती उस्मानपुर, स्वर्ण जयंती विहार, कपली गांव, महाबलीपुरम, कल्याणपुर, विनायकपुर, पेशकार रोड चमनगंज, लोमड़ी का हाता कौशलपुरी, बर्रा-8 ई-1 क, खाड़ेपुर गांव और बिनगवां समेत विभिन्न क्षेत्रों में की गईं।

ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, इंडोर स्पेस स्प्रे तथा नालियों में लार्वीसाइडल स्प्रे कराया गया। मंगलवार शाम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बनाए गए आश्रय स्थलों के आसपास फॉगिंग भी कराई गई।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ग्राम किशुनपुर में स्वास्थ्य शिविर के दौरान 11 सामान्य मरीजों की जांच की गई तथा सभी 11 मरीजों की मलेरिया और डेंगू जांच की गई। इनमें कोई मरीज धनात्मक नहीं मिला, जबकि एक नमूना एसएसएच लैब भेजा गया। मेहरबान सिंह का पुरवा में 34 सामान्य मरीजों को देखा गया। चार मरीजों की मलेरिया और डेंगू जांच की गई तथा चार नमूने एसएसएच लैब भेजे गए।

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