शिलांग , जुलाई 11 -- मेघालय सरकार के खेल एवं युवा मामलों के मंत्री वेलादमिकी शायला ने शनिवार को 135वें इंडियनऑयल डूरंड कप के ट्रॉफी टूर का शिलांग में स्वागत किया। फुटबॉल प्रेमी राज्य मेघालय में टूर्नामेंट की तीन प्रतिष्ठित ट्रॉफियां उस औपचारिक फ्लैग ऑफ समारोह के बाद पहुंचीं, जिसे इस महीने की शुरुआत में नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने हरी झंडी दिखाई थी।
समारोह में मेघालय की समृद्ध फुटबॉल विरासत का उत्सव मनाया गया और साथ ही टूर्नामेंट के पांच मेज़बान शहरों में से पहले शहर के रूप में शिलांग से ट्रॉफी टूर की यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में डूरंड कप की गौरवशाली विरासत पर एक प्रस्तुति, इस महीने की शुरुआत में राष्ट्रपति भवन में आयोजित माननीय राष्ट्रपति के ट्रॉफी अनावरण एवं फ्लैग ऑफ समारोह की विशेष स्क्रीनिंग, 15 सदस्यीय खमिह क्रिएटिव सोसाइटी द्वारा गायन प्रस्तुति, टूर्नामेंट की तीन प्रतिष्ठित ट्रॉफियों-डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी-का औपचारिक प्रदर्शन तथा गणमान्य व्यक्तियों के बीच स्मृति चिह्नों का आदान-प्रदान शामिल रहा। इसके बाद ट्रॉफी काफिले को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इसके साथ ही 135वें इंडियनऑयल डूरंड कप से पहले राज्य में टूर्नामेंट के जनसंपर्क एवं प्रशंसक सहभागिता कार्यक्रमों की शुरुआत हुई।
औपचारिक फ्लैग ऑफ के बाद ट्रॉफी काफिले ने शिलांग के कई प्रमुख स्थलों से गुजरते हुए शहरव्यापी यात्रा शुरू की, जिससे फुटबॉल प्रशंसकों को तीनों प्रतिष्ठित ट्रॉफियों को करीब से देखने का अवसर मिला। ट्रॉफी काफिला कैमल बैक रोड, सिविल हॉस्पिटल, उमशिरपी ब्रिज, शिलांग पीक, नोंगथिम्मई, लैतुमखराह, धनखेती पॉइंट, बारिक पॉइंट और खिंडैलाड से गुजरते हुए पोलो स्थित एसआरजीटी ग्राउंड के चीफ मिनिस्टर फुटबॉल फैन पार्क में समाप्त होगा। ट्रॉफी टूर के माध्यम से डूरंड कप का उत्साह शहर के केंद्र तक पहुंचेगा और मेघालय में टूर्नामेंट की वापसी को लेकर प्रशंसकों के बीच उत्सुकता और बढ़ेगी।
शिलांग एक बार फिर टूर्नामेंट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और ग्रुप ई के मुकाबलों की मेज़बानी करेगा, जिसमें मुम्बई एफसी, शिलांग लाजोंग एफसी, लैंगस्निंग एफसी और नोंगकसेह एसएसएंडसीसी शामिल हैं। शहर में क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल सहित कुल आठ मुकाबले खेले जाएंगे, जो टूर्नामेंट के प्रमुख मेज़बान केंद्रों और भारत के सबसे मजबूत फुटबॉल क्षेत्रों में से एक के रूप में शिलांग की स्थिति को और मजबूत करेगा।
शिलांग, जोवाई और तुरा में सफल ट्रॉफी टूर के बाद ट्रॉफियों का अगला पड़ाव इम्फाल होगा, जहां उन्हें 15 जुलाई को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके बाद ट्रॉफियां 25 जुलाई को डूरंड कप के आगाज़ से पहले टूर्नामेंट के अन्य मेज़बान शहरों की यात्रा जारी रखेंगी।
डूरंड कप 25 जुलाई से 23 अगस्त, 2026 तक पांच मेज़बान शहरों-कोलकाता, शिलांग, इम्फाल, गुवाहाटी और रांची-में खेला जाएगा। टूर्नामेंट के 138 वर्षों के इतिहास में झारखंड की राजधानी रांची पहली बार मेज़बान शहर के रूप में शामिल होगी।
टूर्नामेंट का आगाज़ 25 जुलाई को विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में मोहुन बागान सुपर जायंट और ईस्ट बंगाल एफसी के बीच कोलकाता डर्बी से होगा, जबकि फाइनल 23 अगस्त को इसी मैदान पर खेला जाएगा।
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