नयी दिल्ली , सितंबर 12 -- भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण विभाग के संयुक्त अधिष्ठाता के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(एबीवीपी) के डूसू चुनाव पैनल के साथ खुले तौर पर नजर आने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे विश्वविद्यालय प्रशासन की निष्पक्षता और तटस्थता पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला मामला बताया है।

एनएसयूआई ने बयान जारी कर कहा कि जिम्मेदारी के पदों पर बैठे वरिष्ठ अधिकारियों से संस्थागत गरिमा बनाए रखने और सभी छात्र संगठनों को समान अवसर देने की अपेक्षा की जाती है। संगठन ने संबंधित अधिकारी को छात्र कल्याण विभाग के संयुक्त अधिष्ठाता पद से तत्काल हटाने की मांग की है। साथ ही, प्रशासनिक निष्पक्षता के उल्लंघन की पुष्टि होने पर बर्खास्तगी सहित कड़ी कार्रवाई की मांग की।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन किसी विशेष छात्र संगठन के प्रचार का मंच नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि इस तरह का आचरण छात्र चुनावों की लोकतांत्रिक भावना को कमजोर करता है और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर चिंताएं पैदा करता है। एनएसयूआई ने कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन से स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी डूसू चुनाव सुनिश्चित करने की मांग की।

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