रांची , जून 03 -- झारखंड में बस यात्रियों को जल्द ही महंगा सफर करना पड़ सकता है।
डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और परिचालन खर्च में इजाफे को देखते हुए झारखंड बस ओनर एसोसिएशन ने निजी बसों के किराये में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव राज्य के परिवहन सचिव को सौंपा है। प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय 4 जून को होने वाली बस मालिकों की बैठक में लिया जाएगा।
एसोसिएशन के वरीय उपाध्यक्ष संजय पांडेय ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में डीजल, यूरिया, स्पेयर पार्ट्स और टॉल टैक्स की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है। इससे बस संचालकों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि वर्तमान किराये पर बसों का संचालन करना मुश्किल हो गया है, इसलिए किराये में संशोधन आवश्यक हो गया है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2008 के बाद बस किराये में कोई बड़ी वृद्धि नहीं हुई है, जबकि इस अवधि में ईंधन और अन्य परिचालन खर्च कई गुना बढ़ चुके हैं। दूसरी ओर बिहार सरकार पहले ही बस किराये में बढ़ोतरी कर चुकी है, जिसके कारण बिहार आने-जाने वाली बसों में संशोधित किराया लागू है।
यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो रांची से जमशेदपुर, धनबाद, हजारीबाग, गढ़वा, डालटनगंज, गुमला, सिमडेगा, चतरा समेत राज्य के विभिन्न रूटों पर यात्रियों को अधिक किराया देना होगा। इसके अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों के लिए चलने वाली बसों का किराया भी बढ़ जाएगा।
बस संचालकों के अनुसार वर्तमान में रांची से पटना का सामान्य किराया लगभग 500 रुपये है, जो बढ़ोतरी के बाद करीब 600 रुपये तक पहुंच सकता है। इसी तरह रांची से कोलकाता और अन्य प्रमुख शहरों के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों को भी अधिक किराया चुकाना पड़ सकता है।
एसोसिएशन ने बताया कि फिलहाल कोडरमा रूट की कुछ बसों में मौखिक रूप से किराया बढ़ाया गया है, जबकि अन्य रूटों पर अंतिम फैसला बैठक के बाद लिया जाएगा। यदि किराये में 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि लागू होती है तो 100 रुपये का किराया बढ़कर 115 से 120 रुपये और 200 रुपये का किराया 230 से 240 रुपये तक पहुंच सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की संभावना है।
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