रांची , जुलाई 23 -- झारखंड के रांची स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा चलाया जा रहा आंदोलन गुरुवार को फिर विवाद में बदल गया।

सीटों में कटौती, क्लस्टर सिस्टम समाप्त करने, स्मार्ट क्लासरूम की व्यवस्था और अन्य शैक्षणिक मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों तथा विश्वविद्यालय के शिक्षक-कर्मचारियों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालात बिगड़ने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को बुलाया।

विश्वविद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी कुलपति कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गए। उनका आरोप है कि लगातार हो रहे प्रदर्शनों और बाहरी तत्वों की मौजूदगी से शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है तथा कक्षाएं और प्रशासनिक कार्य बाधित हो रहे हैं।

धरने की सूचना मिलने पर विभिन्न छात्र संगठनों के सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ते-बढ़ते धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय के एक कर्मचारी ने उनके साथ हाथापाई की है। उन्होंने संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई और इस्तीफे की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

दूसरी ओर शिक्षक-कर्मचारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल विश्वविद्यालय में शांतिपूर्ण शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना है। उनका आरोप है कि लगातार विरोध-प्रदर्शनों से पढ़ाई और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर डॉ. अजय चौधरी ने कहा कि कुछ छात्र अनुशासनहीनता कर विश्वविद्यालय की व्यवस्था बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं छात्र संगठनों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी समस्याओं की अनदेखी कर मनमाने निर्णय ले रहा है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रांची के सिटी एसपी स्वयं विश्वविद्यालय पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर माहौल शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस की मौजूदगी में विश्वविद्यालय प्रबंधन और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता शुरू हुई। फिलहाल परिसर में पुलिस बल तैनात है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

ज्ञातव्य है कि पिछले कई दिनों से छात्र संगठन सीटों में कटौती, क्लस्टर सिस्टम समाप्त करने, स्मार्ट क्लासरूम सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इससे पहले भी छात्रों द्वारा कुलपति कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की गई थी, जिसके बाद पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा था। अब सभी की निगाहें जारी वार्ता और उसके परिणाम पर टिकी हैं।

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