धनबाद , अगस्त 19 -- झारखंड के धनबाद जिले वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के नेतृत्व में जिले में साइबर अपराध के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत बुधवार को डीएवी स्कूल, कोयला नगर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध के विभिन्न स्वरूपों, उससे होने वाले नुकसान तथा इससे बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तार से जानकारी दी।

ग्रामीण एसपी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल तकनीक ने लोगों के जीवन को आसान बनाया है लेकिन इसके साथ साइबर अपराध की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने, अज्ञात नंबर से आने वाले फोन या मैसेज पर भरोसा करने तथा अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचना जरूरी है।

उन्होंने छात्रों को ऑनलाइन ठगी के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि साइबर अपराधी कभी बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, रिश्तेदार या किसी प्रतिष्ठित संस्थान का कर्मचारी बनकर लोगों से संपर्क करते हैं। कई बार इनाम, नौकरी, निवेश, लोन, केवाईसी अपडेट, बिजली बिल अथवा अन्य किसी बहाने से लोगों को लिंक भेजकर ठगी की जाती है। उन्होंने छात्रों को विशेष रूप से ओटीपी, एटीएम/डेबिट कार्ड की जानकारी, बैंक खाता विवरण, पासवर्ड और अन्य संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी।

कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर भी छात्र-छात्राओं को जागरूक किया गया। ग्रामीण एसपी ने कहा कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने, निजी तस्वीरें वीडियो अथवा व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक करने तथा संदिग्ध लिंक या मैसेज को आगे बढ़ाने से बचना चाहिए। उन्होंने छात्रों से अपने मोबाइल फोन में मजबूत पासवर्ड रखने और समय-समय पर उसे बदलने की भी अपील की।

उन्होंने कहा कि साइबर अपराध का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल इसकी सूचना पुलिस को देना बेहद जरूरी है। समय पर शिकायत मिलने से साइबर ठगी की रकम को रोकने अथवा उसकी रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और अपने माता-पिता, परिवार के अन्य सदस्यों तथा आसपास के लोगों को भी साइबर अपराध से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दें।

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने भी साइबर अपराध से जुड़े कई सवाल ग्रामीण एसपी के समक्ष रखे। छात्रों ने ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा, फर्जी कॉल एवं लिंक तथा साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल क्या कदम उठाना चाहिए, जैसे विषयों पर जानकारी मांगी। ग्रामीण एसपी ने छात्रों के सवालों का विस्तार से जवाब देते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।

पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को यह भी समझाया कि साइबर अपराध केवल आर्थिक ठगी तक सीमित नहीं है बल्कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग, फर्जी प्रोफाइल, ऑनलाइन उत्पीड़न, निजी तस्वीरों के दुरुपयोग और पहचान संबंधी धोखाधड़ी जैसे अपराध भी इसके दायरे में आते हैं। इसलिए इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना आवश्यक है।

कार्यक्रम में साइबर डीएसपी प्रदीप कुमार साव ने भी साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर छात्र-छात्राओं को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा जिले में साइबर अपराध की रोकथाम और आम लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विद्यालयों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही साइबर सुरक्षा के प्रति सजग बनाना है।

इस अवसर पर सरायढेला थाना प्रभारी मंजीत कुमार, विद्यालय की प्राचार्या डी. बनर्जी, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान छात्रों में साइबर सुरक्षा को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला। पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे स्वयं सुरक्षित रहें और अपने आसपास के लोगों को भी साइबर अपराध के प्रति जागरूक करें।

धनबाद पुलिस की ओर से चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में विद्यालयों एवं अन्य संस्थानों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को साइबर अपराध के नए तरीकों की जानकारी देकर उन्हें ऑनलाइन ठगी और अन्य साइबर अपराधों से सुरक्षित रखना है।

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