पौड़ी , अगस्त 13 -- उत्तराखंड के पौड़ी गढवाल कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में डीएलआरसी/डीसीसी बैठक आयोजित हुई। बैठक में बैंकिंग, वित्तीय समावेशन, ऋण वितरण और स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लंबित ऋण प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करने और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कृषि, स्वरोजगार एवं उत्पादक गतिविधियों के लिए ऋण वितरण बढ़ाने तथा जिले के सीडी रेशियो को निर्धारित 40 प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। किसानों को केसीसी और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने के लिए न्याय पंचायतवार लक्ष्य तैयार कर बैंक शाखाओं के साथ साझा करने तथा विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।

उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, एनआरएलएम, पीएम स्वनिधि, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना और होम स्टे योजना की समीक्षा करते हुए लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण को कहा। किसी आवेदन को अस्वीकृत करने पर स्पष्ट कारण दर्ज करने के निर्देश दिए। होम स्टे योजना की धीमी प्रगति पर पंचायतीराज एवं पर्यटन विभाग को संयुक्त कार्ययोजना बनाने को कहा।

स्वयं सहायता समूहों के आरसेटी प्रशिक्षण की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण और लाभार्थियों का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने को कहा, ताकि प्रशिक्षण के बाद आय में वृद्धि और स्थायी स्वरोजगार स्थापित हो सके। सभी बैंक शाखाओं को प्रतिमाह कम से कम एक वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित करने तथा ग्रामीणों को साइबर अपराध, डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में पांच बैंक प्रतिनिधियों के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। लीड बैंक प्रबंधक ने बताया कि अप्रैल-जून 2026 के दौरान जिले के सभी 15 विकासखंडों में 288 वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित किए गए।

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