हैदराबाद , सितंबर 10 -- तेलंगाना राज्य दलित अधिकार संघर्ष समिति (डीएचपीएस) ने दलितों के जुलूस के बाद एक क्षेत्र-विशेष के कथित "शुद्धिकरण" की कड़ी निंदा की है और इसे जातिगत भेदभाव को दर्शाने वाला एक जघन्य कृत्य बताया है।

डीएचपीएस के राज्य अध्यक्ष के. येसु रत्नम और महासचिव मरुपाका अनिल कुमार ने तलपेल्ली लक्ष्मण और के. बाबू के साथ गुरुवार को हिमायतनगर के राज बहादुर हॉल में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया।

इस दौरान श्री रत्नम ने कहा कि यह घटना केवल उन लोगों का अपमान नहीं बल्कि संपूर्ण दलित समुदाय के आत्मसम्मान पर आघात है।

डीएचपीएस ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) से इस घटना की सार्वजनिक रूप से निंदा करने और दलित समुदाय से माफी मांगने की मांग की। इसके साथ ही सरकार से दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का आग्रह करे।

वहीं अन्य नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक समाज में जातिगत भेदभाव और अस्पृश्यता का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जातिगत भेदभाव को खत्म करने के लिये न केवल कानूनी उपायों की बल्कि सामाजिक जागरूकता के लिये एक सतत आंदोलन की भी आवश्यकता है।

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