पटना , जुलाई 24 -- िहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (बीसीईसीईबी) ने डीईसीई (लेटरल एंट्री)-2026 के तहत 10 2 उत्तीर्ण व्यावसायिक शिक्षा एवं आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए डिप्लोमा इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के द्वितीय वर्ष में लेटरल एंट्री के दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पर्षद की ओर से जारी पत्र के अनुसार, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन एवं अभ्यर्थियों से संस्थान एवं शाखा का विकल्प प्राप्त कर मेरिट सूची के आधार पर एनआईसी द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप 22 जुलाई 2026 को द्वितीय चरण का प्रोविजनल सीट आवंटन परिणाम जारी कर दिया गया है।
सीट आवंटित अभ्यर्थी 26 जुलाई 2026 तक अपने लॉगिन से प्रोविजनल अलॉटमेंट ऑर्डर डाउनलोड कर सकेंगे। इसी अवधि में उन्हें निर्धारित रिपोर्टिंग सेंटर पर जाकर दस्तावेज सत्यापन एवं नामांकन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन 25 और 26 जुलाई 2026 को होगा।
पर्षद ने स्पष्ट किया है कि प्रोविजनल अलॉटमेंट ऑर्डर पर स्वतः अपग्रेडेशन के लिए 'नो' रहेगा। अभ्यर्थियों को सभी आवश्यक मूल प्रमाण-पत्रों के साथ दस्तावेज सत्यापन कराकर निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद नामांकन कराना होगा।
राज्य के सभी 58 रिपोर्टिंग सेंटरों पर बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था की गई है। इसके लिए बायोमेट्रिक एजेंसी का एक ऑपरेटर उपलब्ध रहेगा, जबकि प्रत्येक रिपोर्टिंग सेंटर की ओर से दो प्रतिनिधियों की भी प्रतिनियुक्ति की जाएगी। दिव्यांग कोटे के तहत सीट आवंटित अभ्यर्थियों की दिव्यांगता की जांच संबंधित जिले के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी की देखरेख में गठित मेडिकल टीम के स्तर से की जाएगी।
बोर्ड ने सभी रिपोर्टिंग सेंटरों को समय पर दस्तावेज सत्यापन एवं नामांकन की आवश्यक तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया है, जिससे दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा के भीतर संपन्न कराई जा सके।
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