नयी दिल्ली , अक्टूबर 30 -- राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने म्यांमार से जुड़े नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्वोत्तर भारत में 50 किलोग्राम मेथामफेटामाइन जब्त की है।
वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि मिजोरम और असम में चलाये गये दो अलग-अलग खुफिया अभियानों में 30 किलोग्राम याबा गोलियां और 20 किलोग्राम क्रिस्टल मेथामफेटामाइन बरामद की गयी। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई में नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे तीन वाहनों को भी जब्त किया गया है।
डीआरआई को खुफिया जानकारी मिली थी कि मिजोरम के जोखावथर से आइजोल और सिलचर की ओर नशीले पदार्थों की खेप ले जाई जा रही है। इस सूचना पर डीआरआई अधिकारियों ने असम राइफल्स की मदद से 29 अक्टूबर को आइजोल-चंफाई मार्ग पर आइजोल के बाहरी इलाके में एक महिंद्रा बोलेरो कैंपर को रोका। वाहन की तलाशी के दौरान 30 पैकेट बरामद हुए, जिनमें करीब 30 किलोग्राम गुलाबी-नारंगी रंग की मेथामफेटामाइन गोलियां थीं। तस्करों ने इन्हें कार्यालय की मेज और स्टोरेज कैबिनेट के भीतर विशेष रूप से बनायी गयी जगह में छिपाया था। फर्नीचर को तस्करी के सामान की आड़ के रूप में इस्तेमाल करना तस्करों का नया तरीका बताया गया है।
इसी तरह, 30 अक्टूबर को एक अन्य अभियान में डीआरआई अधिकारियों ने असम राइफल्स के सहयोग से सिलचर से करीब 40 किलोमीटर दूर धोलाई में एक अशोक लीलैंड ट्रक और बोलेरो कैंपर को रोका। ट्रक की तलाशी में 20 पैकेट मिले, जिनमें 20 किलोग्राम क्रिस्टल मेथामफेटामाइन छिपायी गयी थी। इन पैकेटों को ट्रक के ड्राइवर केबिन के ऊपर छिपाकर विदेशी निशान वाले चाय के पैकेटों में रखा गया था, ताकि जांच एजेंसियों की नजर से बचा जा सके। मौके पर किये गये प्रारंभिक परीक्षण में बरामद पदार्थ में एम्फेटामाइन की मौजूदगी के संकेत मिले।
डीआरआई ने दोनों अभियानों में गिरफ्तार चारों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है। डीआरआई के अनुसार, हाल के दिनों में पूर्वोत्तर क्षेत्र में 232 किलोग्राम और 56 किलोग्राम मेथामफेटामाइन की दो अन्य बड़ी बरामदगियां भी की गयी हैं।
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