नयी दिल्ली , सितंबर 16 -- मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने पूर्वोत्तर में एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए 231 किलोग्राम से अधिक मेथामफेटामाइन की गोलियां जब्त की हैं और तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि जब्त की गई नशीली दवाओं का अनुमानित मूल्य सैकड़ों करोड़ रुपये में है।

मंत्रालय ने बताया कि विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए डीआरआई के अधिकारियों ने 15 सितंबर 2026 को असम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर चार ट्रकों को रोका, जिन पर मेथामफेटामाइन गोलियों की बड़ी खेप ले जाने का संदेह था।

पहले अभियान में संदिग्ध ट्रकों में से एक की पहचान की गई और असम राइफल्स की 38वीं बटालियन की सहायता से सिलचर से लगभग 100 किमी दूर असम के रामनाथपुर में उसे रोका गया। इसके बाद, इसी तरह की खेप ले जा रहा दूसरा संदिग्ध ट्रक आसपास के क्षेत्र में मिला था। हालांकि, ट्रक के चालक और सहायक दोनों मौके पर मौजूद नहीं थे।

पहले ट्रक की तलाशी लेने पर चालक के केबिन की छत में छिपाए गए गुलाबी-नारंगी गोलियों से भरे 275 पैकेट बरामद हुए, जिनका कुल वजन 55 किलोग्राम था। दूसरे ट्रक की विस्तृत तलाशी के परिणामस्वरूप ड्राइवर के केबिन की छत पर छिपाए गए 271 पैकेट बरामद हुए, जिनका वजन 54.2 किलोग्राम था। एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत दो वाहनों के साथ कुल 109.2 किलोग्राम संदिग्ध मेथामफेटामाइन टैबलेट बरामद किए गए और जब्त किए गए। एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया गया।

उसी खुफिया जानकारी के आधार पर की गई कार्रवाई में खोवई से अगरतला की ओर बढ़ते समय सीमेंट की खेप ले जाने वाले एक अन्य मालवाहक की पहचान की गई और असम राइफल्स की 28वीं बटालियन की सहायता से अगरतला से लगभग 45 किमी दूर तेलियामुरा में रोक दिया गया। विस्तृत जांच के परिणामस्वरूप 295 प्लास्टिक के पैकेट बरामद हुए, जिनमें 72.6 किलोग्राम गुलाबी-नारंगी गोलियां शामिल थीं, जिनके मेथामफेटामाइन होने का संदेह था। इन्हें ड्राइवर के केबिन की छत में छिपाया गया था। प्रतिबंधित पदार्थ और वाहन को जब्त कर लिया गया और चालक को गिरफ्तार कर लिया गया।

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