सहारनपुर , मई 22 -- कैराना की समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद इकरा हसन को भी 19 मई को डीआईजी सहारनपुर रेंज अभिषेक सिंह के कार्यालय के बाहर सड़क जाम करने के मामले में आरोपी बनाया गया है। पुलिस रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।

पिछली 19 मई को इकरा हसन जसाला शामली के मोनू हत्याकांड में उसकी मां अन्य परिजनों के साथ न्याय की गुहार लगाने गई थी। आरोप है कि डीआईजी ने उनके मामले पर गौर नहीं किया और उन्हें अपने कक्ष से बाहर निकाल दिया। उसके बाद सांसद इकरा हसन पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री मांगेराम कश्यप, उनके साथ तेजपाल सिंह कश्यप, अजय कश्यप, अनुज कश्यप, शीशपाल कश्यप और सत्यपाल कश्यप आदि के साथ आगे की रणनीति पर बातचीत कर रही थीं तो उसी दौरान महिला थाना पुलिस इकरा हसन को पुलिस लाइन स्थित महिला थाना पुलिस ले गई और मांगेराम कश्यप आदि को थाना सदर बाजार पुलिस ने शांति भंग की धाराओं में गिरफ्तार नगर मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह की कोर्ट में पेश किया, जिन्होंने उन्हें जमानत देने के बजाए जेल भेज दिया। अपने साथियों को जेल भेजे जाने की खबर मिलने पर इकरा हसन और उसके समर्थकों ने मांगेराम कश्यप और उनके साथियों की रिहाई की मांग को लेकर रात्रि नौ बजे तक थाना सदर बाजार में धरना दिया।

एसपी सिटी ब्योम बिंदल और सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह के यह भरोसा देने पर कि जेल भेजे गए कश्यप समाज के सभी छह लोगों को 20 मई की सुबह छोड़ दिया जाएगा, धरना समाप्त हो गया। धरने के दौरान सांसद इकरा हसन लगातार और मुखर होकर पुलिस अधिकारियों से लगातार कह रहीं थी कि उन्हें भी जेल भेजा जाए लेकिन सहारनपुर का पुलिस प्रशासन मौन साधे रहा। धरने की खबरें सोशल मीडिया पर लगातार फैलते जाने से सपा विधायक आशु मलिक, पूर्व विधायक वीरेंद्र ठाकुर, पूर्व विधायक माविया अली, पूर्व विधायक मनोज चौधरी आदि बड़ी संख्या में सदर थाने पर डट गए और मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक आदि भी कार्यकर्त्ताओं के साथ सहारनपुर की ओर रवाना हो गए।

पुलिस प्रशासनिक इकरा हसन को वहां से आराम से जाने दिया। अब सवाल उठ रहे हैं कि जब उनको भी एफआईआर में उसी अपराध के लिए नामजद किया गया था जिसमें मांगेराम कश्यप आदि को जेल भेजा गया तो इकरा हसन को गिरफ्तार कर जेल भेजने में अधिकारियों के समक्ष क्या कठिनाई थी। इकरा हसन तो धड़ल्ले से उसी थाने में डटी रही। धरना समाप्त करते ही वह मोनू कश्यप की मां और अपने बड़े विधायक भाई नाईद हसन के साथ लखनऊ रवाना हो गई जहां अखिलेश यादव और डिंपल यादव ने पीड़ितों की बात सुनी और दो लाख रूपए की सहायता राशि का चैक प्रदान किया।

इस मामले में आज एसपी सिटी ब्योम बिंदल ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस कार्रवाई कर रही है। इस पूरे प्रकरण से सपा को राजनीतिक लाभ मिलता दिख रहा है। पूरे मामले पर भाजपा नेता भी चुप्पी साधे हुए हैं। पूरा मामला पिछड़ी जाति के कश्यप समाज से जुड़ा हुआ है। इस घटनाक्रम का प्रभाव निश्चित ही विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित