नयी दिल्ली , मई 30 -- दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन कर निर्बाध हवाई यात्रा के लिए डिजी यात्रा का इस्तेमाल 10 करोड़ को पार कर चुका है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि डिजी यात्रा ऐप आईओएस और एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर 2.4 करोड़ से अधिक डाउनलोड किया जा चुका है। इसने 10 करोड़ से अधिक निर्बाध यात्राओं को सक्षम बनाया है।

मंत्रालय के मुताबिक भौतिक दस्तावेज सत्यापन की आवश्यकता समाप्त होने से डिजी यात्रा के जरिये हवाई अड्डों पर प्रवेश प्रक्रिया में प्रति यात्री औसत समय 15 सेकंड से घटाकर मात्र पांच सेकंड हो गया है। इससे भीड़भाड़ को कम करने में मदद मिली है और भौतिक प्रक्रियाओं से जुड़ी अतिरिक्त लागत एवं समय में कमी आयी है।

इसके अलावा, भौतिक बोर्डिंग पास की आवश्यकता समाप्त होने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है।

इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा, "मैं डिजी यात्रा टीम को 10 करोड़ उपयोग के इस महत्वपूर्ण पड़ाव के लिए बधाई देता हूं। यह दर्शाता है कि यात्री सहज, कागज रहित और संपर्क रहित यात्रा पर कितना भरोसा कर रहे हैं। डिजी यात्रा को जिस स्तर पर अपनाया गया है, वह एक महत्वपूर्ण समय पर हुआ है। साल 2014 में प्रतिदिन दो लाख से भी कम लोग घरेलू मार्गों पर हवाई यात्रा करते थे। पिछले तीन साल में यह आंकड़ा कई बार पांच लाख को पार कर चुका है।"वर्तमान में डिजी यात्रा की सुविधा देश के 38 हवाई अड्डों पर सक्रिय है और अगले साल 27 और हवाई अड्डों को इससे जोड़ने की योजना है।

श्री नायडू ने कहा कि सरकार इस प्लेटफॉर्म को और अधिक समावेशी बना रही है। वर्तमान में डिजी यात्रा 11 भाषाओं का समर्थन करता है और इस वर्ष के अंत तक इसमें 11 और क्षेत्रीय भाषाएं जोड़ी जाएंगी।

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