लखनऊ , मार्च 24 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बीते नौ वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन दर्ज किया है। आधारभूत ढांचे के विस्तार से लेकर डिजिटल हेल्थ, मातृ-शिशु देखभाल और आपात सेवाओं तक, हर क्षेत्र में राज्य ने नई ऊंचाइयों को छुआ है।
सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, प्रदेश ने डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 5.76 करोड़ से अधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किए हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। माइक्रोसाइट प्रोजेक्ट के तहत 35 माइक्रोसाइट्स का संचालन किया जा रहा है, जहां लाखों रिकॉर्ड पंजीकृत कर प्रदेश ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यूनिफाइड डिजीज सर्विलांस पोर्टल के जरिए रोगों की निगरानी और रोकथाम को और प्रभावी बनाया गया है।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क अल्ट्रासाउंड के लिए ई-वाउचर की सुविधा दी जा रही है। जननी सुरक्षा योजना के तहत लाखों महिलाओं को लाभ मिला है, वहीं बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से बड़ी संख्या में बच्चों का उपचार सुनिश्चित किया गया है। दस्तक अभियान के जरिए एईएस-जेई जैसी बीमारियों पर नियंत्रण के लिए सघन प्रयास किए गए हैं।
आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश में करोड़ों लोगों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया गया है। 6,000 से अधिक अस्पतालों के नेटवर्क के साथ उत्तर प्रदेश इस योजना में देश में सबसे आगे है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के जरिए भी लाखों परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की जा रही है। स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार में भी राज्य ने बड़ी छलांग लगाई है। हजारों हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, जन औषधि केंद्र और पंजीकृत स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदेश में सक्रिय हैं।
आपातकालीन सेवाओं में 108 एम्बुलेंस सेवा ने करोड़ों लोगों को समय पर सहायता पहुंचाई है, जबकि एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के जरिए 1.80 करोड़ से अधिक मरीजों का उपचार किया गया है। वहीं टेलीमेडिसिन और टेली-कंसल्टेशन सेवाओं ने दूरदराज के क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की पहुंच सुनिश्चित की है।
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