पटना , जुलाई 04 -- ूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय ने बिहार में डिजिटल सुशासन और तकनीकी विकास के क्षेत्र में राज्य की सम्राट चौधरी सरकार की ओर से उठाए जा रहे ऐतिहासिक एवं क्रांतिकारी कदमों की प्रशंसा की है। श्री पांडेय ने आज बयान जारी कर कहा कि वर्तमान सरकार बिहार को देश का एक अग्रणी तकनीकी केंद्र (हब) बनाने की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम न केवल प्रशासनिक व्यवस्था में अभूतपूर्व पारदर्शिता लाएगा, बल्कि भ्रष्टाचार की जड़ों पर भी अंतिम प्रहार करेगा।

श्री पांडेय ने कहा कि बिहार में आज जो व्यापक तकनीकी बदलाव और डिजिटल क्रांति दिख रही है, उसकी असली प्रेरणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ''डिजिटल इंडिया'' (डिजिटल भारत) का विजन है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश ने तकनीकी क्षेत्र में जो वैश्विक कीर्तिमान स्थापित किए हैं, आज राज्य सरकार उसी पदचिन्हों पर चलते हुए तकनीक के लाभ को बिहार के गांव-गांव और हर नागरिक तक पहुंचा रही है।

भाजपा नेता ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने लंबे कार्यकाल में बिहार में सुशासन और न्याय के साथ विकास की जो मजबूत नींव रखी थी, आज उसी को आगे बढ़ाते हुए सम्राट चौधरी सरकार आधुनिक तकनीक के माध्यम से जनता को सीधे और त्वरित लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के सुशासन के संकल्प को आज डिजिटल माध्यमों से एक नई शक्ति और गति मिली है।

श्री पांडेय ने सरकार की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक सुधारों की चर्चा करते हुए सरकार के ''ट्रिपल टी'' यानी तकनीक, पारदर्शिता और भरोसा (टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी और ट्रस्ट) के सिद्धांत की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी सेवाओं को पूरी तरह से ऑनलाइन और कागज रहित (पेपरलेस) बनाना एक युगांतकारी कदम है। राज्य कैबिनेट द्वारा गूगल क्लाउड इंडिया, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और सर्वम जैसी वैश्विक दिग्गज तकनीकी कंपनियों के साथ किए गए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) की स्वीकृति और आगामी ''कृत्रिम बुद्धिमत्ता नीति'' राज्य के युवाओं के भविष्य के लिए पासा पलटने वाली (गेम-चेंजर) साबित होगी। इससे न केवल राज्य में निवेश आएगा, बल्कि बिहार के युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही उच्च स्तरीय तकनीकी रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे। सरकार द्वारा जनता की शिकायतों के ऑनलाइन निवारण के लिए तय की गई सख्त जवाबदेही भी स्वागत योग्य है।

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