अमृतसर , अक्टूबर 31 -- डिजिटल नागरिकता और साइबर सुरक्षा पर ऑनलाइन लघु अवधि पाठ्यक्रमका समापन सत्र शुक्रवार को मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (जीएनडीयू), अमृतसर द्वारा सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
इस सप्ताह भर के पाठ्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों और पेशेवरों को डिजिटल दुनिया को जिम्मेदारी और सुरक्षित रूप से नेविगेट करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल से लैस करना था। विभिन्न संस्थानों के प्रतिभागियों ने साइबर स्वच्छता, नैतिक डिजिटल प्रथाओं, डेटा गोपनीयता और उभरते साइबर खतरों को कवर करने वाले सत्रों में भाग लिया।
समापन समारोह की अध्यक्षता एमएमटीटीसी के निदेशक प्रो. (डॉ.) मनिंदर लाल सिंह ने की, जिन्होंने राष्ट्रीय शैक्षिक लक्ष्यों के साथ संरेखण में डिजिटल जागरूकता और व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देने के लिए केंद्रकी प्रतिबद्धता पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जीएनडीयू के इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संकाय की डीन प्रो. (डॉ.) शालिनी बहल ने शिरकत की। अपने संबोधन में, डॉ. बहल ने आज की परस्पर जुड़ी दुनिया में डिजिटल नागरिकता के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला और प्रतिभागियों को अपने संस्थानों में साइबर सुरक्षा के राजदूत के रूप में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।
पाठ्यक्रम समन्वयक, प्रो. (डॉ.) कुलजीत कौर ने पाठ्यक्रम को सटीकता और समर्पण के साथ तैयार करने और क्रियान्वित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। उनके प्रयासों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान एक सहज शिक्षण अनुभव और सार्थक जुड़ाव सुनिश्चित किया। प्रतिभागियों ने पाठ्यक्रम की समृद्ध सामग्री और इंटरैक्टिव प्रारूप की सराहना की। ई-प्रमाणपत्र वितरित किये गये और प्रतिक्रिया से भविष्य में ऐसी और पहल करने की तीव्र इच्छा व्यक्त हुई।
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