पटना , मार्च 07 -- बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने शनिवार को कहा कि राज्य में डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के अंतर्गत डिजिटल क्रॉप सर्वे को व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है, जो एग्री-स्टैक परियोजना का एक महत्वपूर्ण घटक है, जिसका उद्देश्य कृषि फसल सर्वेक्षण की पारंपरिक प्रक्रिया को डिजिटल बनाकर उसे अधिक पारदर्शी, त्वरित और सुव्यवस्थित बनाना है।
श्री यादव ने आज बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से किसानों द्वारा अपने खेतों में बोयी गई प्रत्येक फसल से संबंधित भू-खण्ड आधारित जानकारी मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से एकत्र की जाती है। इससे प्रत्येक कृषि भू-खण्ड के लिए रियल टाइम में फसल क्षेत्र का सटीक आकलन संभव हो पाता है। उन्होंने बताया कि इस डिजिटल डाटाबेस के माध्यम से फसलों के वास्तविक आच्छादन क्षेत्र की सटीक जानकारी उपलब्ध होती है, जो फसल विपणन, भंडारण प्रबंधन, फसल बीमा योजनाओं और कृषि से जुड़े नीतिगत निर्णयों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है।
कृषि मंत्री ने बताया कि बिहार में पिछले तीन फसली मौसमों से डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य निरंतर किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि रबी 2023-24 में 5 पायलट जिलों से 10 जनवरी 2024 को इस पहल की शुरुआत की गई। उसी मौसम के अंत तक 15 अन्य जिलों को भी इसमें शामिल किया गया। इस प्रकार कुल 20 जिलों के 1,700 ग्रामों के 11.56 लाख प्रस्तावित प्लॉट्स में से 9.87 लाख प्लॉट्स पर डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य किया गया।खरीफ 2024 में यह पहल और विस्तारित हुई, जिसमें 2,200 ग्रामों के 17.35 लाख प्लॉट्स में से 16.59 लाख प्लॉट्स का सर्वे सफलतापूर्वक पूरा किया गया। उन्होंने बताया कि रबी 2024-25 में 28 जिलों के 7,187 राजस्व ग्रामों के 49.37 लाख प्लॉट्स में से 48.54 लाख प्लॉट्स पर डिजिटल सर्वे कार्य संपन्न हुआ।
श्री यादव ने बताया कि खरीफ 2025 में इस पहल का और व्यापक विस्तार करते हुए राज्य के सभी 38 जिलों के 32,707 राजस्व ग्रामों के कुल 1,54,02,156 प्लॉट्स में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य किया गया।उन्होंने बताया कि इसी क्रम में रबी 2025-26 के लिए 30,416 राजस्व ग्रामों के 1,97,74,227 प्लॉट्स में डिजिटल क्रॉप सर्वे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें अब तक एक करोड़ 5 लाख से अधिक कृषि प्लॉट्स का डिजिटल सर्वे सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।
मंत्री श्री यादव ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे से प्राप्त सटीक और रियल टाइम आंकड़ों के आधार पर सरकार फसल बीमा, प्राकृतिक आपदा राहत, बाजार प्रबंधन और कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में और अधिक सक्षम हो रही है।उन्होंने कहा कि यह पहल बिहार में डिजिटल कृषि व्यवस्था को मजबूत करने, किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने तथा कृषि क्षेत्र के समग्र विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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