अल्मोड़ा , जुलाई 24 -- उत्तराखंड के अल्मोड़ा में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 8.80 लाख रुपये की ठगी के आरोपी को हरियाणा के सिरसा जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने आतंकवाद के नाम पर गुमराह कर ठगी की। अल्मोड़ा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) चंद्रशेखर घोड़के ने शुक्रवार को इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि भतरौजखान के ग्राम धारड़ निवासी जीवन सिंह रावत ने साइबर क्राइम पोर्टल पर साइबर ठगी के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी।

उन्होंने बताया कि आरोपियों ने पीड़ित से पहले व्हाट्सएप पर संपर्क साधा। खुद को पुणे एटीएस का इंस्पेक्टर सुमित मिश्रा बताते हुए आतंकवाद से जुड़े फर्जी मामले में पीड़ित का नाम होने की बात कही। फर्जी दस्तावेज और कोर्ट के आदेश भेजकर गिरफ्तारी की धमकी दी।

वीडियो कॉल पर पीड़ित को किसी से जानकारी साझा नहीं करने, हर घंटे रिपोर्ट देने और मोबाइल सर्विलांस पर होने की बात कहकर मानसिक रूप से डराया गया। आरोपियों ने उससे गूगल पे पर खाता बनवाने के साथ अपनी ई-मेल आईडी लॉगिन कराई और वीडियो कॉल के माध्यम से एसबीआई तथा यूनियन बैंक के खातों और कार्डों माध्यम से कुल 8.80 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए।

श्री घोड़के के अनुसार थाना भतरौजखान में मामला दर्ज कर उपनिरीक्षक संजय जोशी के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गठित की गई। विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और साइबर विश्लेषण के आधार पर हरियाणा के सिरसा जिले के ग्राम जगमलवाली निवासी रंजोत सिंह का नाम सामने आया।

पुलिस टीम ने सर्विलांस और साइबर टीम के सहयोग से 22 जुलाई को आरोपी को उसके निवास स्थान से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को आज अल्मोड़ा लाया गया। अल्मोड़ा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई कानूनी या पुलिस प्रक्रिया नहीं होती है। यदि कोई व्यक्ति पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट करने या पैसे की मांग करता है तो घबराएं नहीं और किसी भी खाते में रकम ट्रांसफर न करें। संदिग्ध कॉल या साइबर ठगी की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाने अथवा साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।

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