नोएडा , जुलाई 30 -- उत्तर प्रदेश में सेंट्रल नोएडा जोन फेस तृतीय थाना पुलिस ने साइबर अपराधियों को म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक महिला सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, 1 चेक बुक, 1 स्टैम्प और 4 लेटरहेड बरामद किए हैं।

गुरुवार को पुलिस ने प्रेस वार्ता कर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि, फेस तृतीय थाना पुलिस ने बुधवार को बीट पुलिसिंग और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजब सिंह, प्रदीप, गुलाब सिंह लोधी, कौशल, सचिन, जिनेन्द्र सिंह और प्रियंका के रूप में हुई है।

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी कंपनियों के नाम पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाते थे। इसके बाद व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुपों के माध्यम से साइबर अपराधियों के संपर्क में आकर खातों से जुड़े मोबाइल नंबरों की सिम अपने पास रख लेते थे। आरोपी अपने मोबाइल में डिंग एसएमएस नाम की एपीके फाइल इंस्टॉल करते थे, जिससे बैंक खाते से जुड़े ओटीपी और एसएमएस उनके मोबाइल पर प्राप्त होते थे। इन ओटीपी की मदद से साइबर ठगी से आए रुपये निकाले जाते थे। कुछ समय बाद खातों को बंद कर दिया जाता था ताकि पुलिस जांच से बचा जा सके।

जांच में सामने आया है कि आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खातों का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट, ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर होने वाली साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने में किया जाता था। इन खातों के खिलाफ देशभर में साइबर फ्रॉड की 74 शिकायतें दर्ज हैं।

तथा इन खातों में लाखों रुपये का लेनदेन हुआ है। साइबर अपराधी डिजिटल अरेस्ट, फर्जी ट्रेडिंग और निवेश योजनाओं के नाम पर लोगों से ठगी कर रकम इन्हीं म्यूल खातों में ट्रांसफर कराते थे। बदले में आरोपियों को साइबर ठगों से कमीशन मिलता था, जिसे वे आपस में बांट लेते थे।

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