नयी दिल्ली , मार्च 08 -- नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने डार्कनेट प्लेटफॉर्म पर 'टीम कल्कि' के नाम से चल रहे नशीले पदार्थों के एक वितरण नेटवर्क का भंडाफोड़ कर बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं।
अधिकारियों ने रविवार को बताया कि यह कार्रवाई पिछले तीन महीनों में एकत्र की गयी खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई। अंतत: दिल्ली में इस अभियान को अंजाम तक पहुंचाया गया।
एनसीबी के अनुसार, यह नेटवर्क जनवरी 2025 से सक्रिय था और देश भर में नशीली दवाओं की बिक्री और वितरण के लिए डार्कनेट के साथ-साथ एन्क्रिप्टेड 'सेशन' मैसेजिंग एप्लिकेशन का उपयोग कर रहा था।
अभियान के दौरान, एनसीबी अधिकारियों ने 2,338 एलएसडी ब्लॉटर्स, 77.517 ग्राम वजन की 160 एमडीएमए (एक्सटसी) गोलियां, 73.612 ग्राम चरस, 3.642 ग्राम एम्फ़ैटेमिन और लगभग 3.6 किलोग्राम तरल एमडीएमए जब्त किया। यह प्रतिबंधित सामग्री भारत के भीतर रोके गए 13 पार्सल और नीदरलैंड से आए दो अंतरराष्ट्रीय पार्सल से बरामद की गई, जो इस नेटवर्क से जुड़े थे।
अधिकारियों ने कहा कि यह मामला अवैध पदार्थों के वितरण के लिए तस्करों द्वारा डार्कनेट प्लेटफॉर्म और एन्क्रिप्टेड संचार सेवाओं के बढ़ते उपयोग को उजागर करता है। इस कार्रवाई को भारत में डार्कनेट-आधारित नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण अभियानों में से एक माना जा रहा है।
जांच में अब तक पता चला है कि 'टीम कल्कि' अनुराग ठाकुर द्वारा अपने सहयोगी विकास राठी की मदद से चलाया जा रहा था। दोनों आरोपी आदतन अपराधी बताए गए हैं और इससे पहले भी एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत दर्ज मामलों में गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
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