पटियाला , मई 10 -- पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन ने रविवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की है कि बिजली मंत्री और पीएसपीसीएल के सीएमडी द्वारा 8 मई को डायरेक्टर (जेनरेशन) पद के आवेदकों के साथ की गई कथित अनधिकृत बातचीत के खिलाफ कार्रवाई की जाए। एसोसिएशन ने इसे वैध चयन मानदंडों का उल्लंघन बताया है।
एसोसिएशन के महासचिव अजयपाल सिंह अटवाल ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि सीएमडी और डायरेक्टरों के पदों के लिए योग्यता एवं पात्रता मानदंडों में किए गए संशोधनों को भी तत्काल वापस लिया जाए। उनका आरोप है कि ये संशोधन त्रिपक्षीय समझौते का उल्लंघन करते हुए लागू किए गए हैं।उन्होंने बताया कि डायरेक्टर (जेनरेशन) पद के लिए दो दर्जन से अधिक मुख्य इंजीनियरों और इंजीनियर-इन-चीफ ने आवेदन किया है। इनमें से सात आवेदकों को बिजली मंत्री द्वारा बातचीत/साक्षात्कार के लिए चुना गया था।
एसोसिएशन के अनुसार, निर्धारित नियमों के तहत केवल विधिवत गठित चयन समिति ही इस पद के लिए नामों की सिफारिश करने के लिए अधिकृत है। इस समिति में मुख्य सचिव, बिजली सचिव और केंद्र सरकार के बिजली क्षेत्र के एक विशेषज्ञ शामिल होते हैं। पत्र में आरोप लगाया गया कि बिजली मंत्री द्वारा की गई यह बातचीत चयन समिति पर अनुचित प्रभाव डालने का प्रयास है और ऐसी अनधिकृत प्रक्रियाओं को तुरंत रोका जाना चाहिए।
एसोसिएशन ने यह भी कहा कि पीएसपीसीएल हर वर्ष करीब 20,000 करोड़ रुपये की बिजली खरीद करता है, जबकि जिन अधिकारियों के साथ बातचीत की गई, उन्हें थर्मल जेनरेशन और बिजली खरीद के क्षेत्र में पर्याप्त व्यावहारिक अनुभव नहीं था।
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