हैदराबाद , अप्रैल 28 -- तेलंगाना सरकार ने 'ट्रांजैक्शन एनालिस्ट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड' और उसके आला अफसरों के खिलाफ डिजिटल संपत्तियों के गबन और कानूनी तौर पर प्रोजेक्ट सौंपने की प्रक्रिया में रुकावट डालने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज किया है।
यह शिकायत आईटी और संचार विभाग के इलेक्ट्रॉनिक सर्विस डिलीवरी (ईएसडी) प्रभाग की ओर से सेंट्रल क्राइम स्टेशन (सीसीएस) में दर्ज करायी गयी थी। इस मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्लू) के एसीपी ए. राम रेड्डी कर रहे हैं।
मंगलवार को जारी बयान के मुताबिक, कंपनी और उसके प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं सीईओ श्रीनिवास राव कटुरी पर आरोप है कि 31 मई, 2025 को अनुबंध खत्म होने के बाद भी उन्होंने सरकारी डेटा को नयी एजेंसी को सौंपने में बाधाएं उत्पन्न कीं।
इस कंपनी को शुरू में जनवरी 2017 में राज्य के एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म को विकसित करने और उसके रख-रखाव के लिए नियुक्त किया गया था। सरकार ने इसके विकास पर लगभग 70 लाख रुपये खर्च किये और मासिक रख-रखाव शुल्क का भुगतान भी जारी रखा। करार के मुताबिक, अनुबंध पूरा होने पर सारा डेटा, सोर्स कोड और डिजिटल संपत्तियां सरकार को वापस लौटायी जानी थीं।
कई बार सेवा विस्तार देने के बाद, सरकार ने एक नया टेंडर निकाला, जिसमें 'परव्यू इंडिया कंसल्टिंग एंड सर्विसेज एलएलपी' सबसे कम बोली लगाने वाली (एल-वन) कंपनी के रूप में उभरी। हालांकि वर्तमान कंपनी टेंडर की शर्तों पर सहमत थी, लेकिन अनुबंध हासिल करने में नाकाम रहने के बाद उसने कथित तौर पर असहयोग करना शुरू कर दिया।
कंपनी ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सरकारी डेटा पर मालिकाना हक जताने की कोशिश की और नयी एजेंसी को संपत्तियां सौंपने का विरोध किया। उस पर उपयोगकर्ताओं के डेटा को अपने निजी आवेदन पर डायवर्ट करने की कोशिश करने का भी आरोप है।
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