बिलासपुर , अक्टूबर 02 -- छत्तीसगढ़ के निलंबित भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी रतन लाल डांगी से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले में जांच अधिकारी बदलने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की ओर से गृह सचिव को भेजे गए प्रस्ताव में आईपीएस दीपांशु काबरा को जांच अधिकारी और आईपीएस प्रशांत कुमार अग्रवाल को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाए जाने की अनुशंसा की गई है।

पुलिस विभाग ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय को इस संबंध में बीते दिन जानकारी दी है। प्रस्ताव पर सक्षम स्तर से अंतिम निर्णय के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

गौरतलब है कि, यह मामला पुलिस विभाग में पदस्थ एक उप निरीक्षक (एसआई) की पत्नी की शिकायत से जुड़ा है। महिला ने 15 अक्टूबर 2025 को पुलिस मुख्यालय में शिकायत देकर आईपीएस डांगी पर पिछले सात वर्षों से शारीरिक और मानसिक शोषण करने का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद मामले की प्राथमिक जांच शुरू की गई थी। बाद में यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच डांगी को पद से हटाया गया और फिर निलंबित कर दिया गया। डांगी इन आरोपों को झूठा बताते रहे हैं। मामला फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया में है।

मामले में शिकायतकर्ता ने प्राथमिक जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि जांच के दौरान उसका पक्ष ठीक से नहीं सुना गया और आरोपी अधिकारी को बचाने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता ने जांच अधिकारी बदलकर किसी वरिष्ठ, विशेषकर महिला आईएएस अधिकारी से मामले की जांच कराने की मांग की थी।

याचिका के अनुसार, शिकायत की जांच की जिम्मेदारी तत्कालीन आईजी आनंद छाबड़ा और तत्कालीन डीआईजी मिलना कुर्रे को दी गई थी। शिकायतकर्ता ने दोनों अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं होने की बात कही थी। उसका तर्क था कि एक अधिकारी आरोपी के बराबर रैंक के थे, जबकि दूसरी अधिकारी उनसे जूनियर थीं। इसी आधार पर दोनों को जांच से हटाने और किसी वरिष्ठ महिला आईएएस अधिकारी से जांच कराने की मांग की गई थी।

उच्च न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस विभाग से जांच की स्थिति और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी गई। इसके बाद विभाग की ओर से अदालत को बताया गया कि डीजीपी ने जांच अधिकारी बदलने के लिए गृह सचिव को प्रस्ताव भेजा है। इसमें आईपीएस दीपांशु काबरा को जांच अधिकारी तथा आईपीएस प्रशांत कुमार अग्रवाल को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाए जाने का प्रस्ताव है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह प्रस्ताव सितंबर में गृह विभाग को भेजा गया था।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित