समस्तीपुर, सितंबर 08 -- ेंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने समस्तीपुर जिले के पूसा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में नव-प्रवेशित छात्रों के लिए आयोजित 'दीक्षारंभ' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण राष्ट्र निर्माण की पहली और सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।श्री राय ने कहा कि शैक्षणिक डिग्री के साथ विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित होना आवश्यक है। इन्हीं गुणों से युक्त विद्यार्थी सही मायने में शिक्षित कहलाता है। उन्होंने कहा कि वह देशभर के विश्वविद्यालयों और पुलिस अकादमियों के दीक्षांत समारोह में शामिल होते रहे हैं, लेकिन किसी 'दीक्षारंभ' कार्यक्रम को संबोधित करने का यह उनका पहला अवसर है।

श्री राय ने कहा कि "पूसा कृषि अनुसंधान की मातृभूमि तो रहा ही है, अब यह दीक्षारंभ की भी जननी बन गया है।" केंद्रीय मंत्री ने 'दीक्षारंभ' की परिकल्पना और शुरुआत के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी. एस. पांडेय की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2022 में शुरू किया गया यह कार्यक्रम सामान्य ओरिएंटेशन कार्यक्रमों से अलग और व्यापक है। जिसमें योग, डाइनिंग शिष्टाचार, संचार कौशल, व्यक्तित्व विकास, मिथिला पेंटिंग, गायन, नाटक, वाद-विवाद, मॉक पार्लियामेंट तथा विभिन्न क्षेत्रों की महान हस्तियों से संवाद जैसे विषयों को शामिल किया गया है।

कुलपति डॉ. पी. एस. पांडेय ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि सक्षम, योग्य और राष्ट्रभक्त युवा तैयार करना है। उन्होंने बताया कि आईसीएआर में सहायक महानिदेशक के पद पर रहते हुए इजरायल यात्रा के दौरान उन्होंने 21 दिवसीय 'दीक्षारंभ' मॉडल की रूपरेखा तैयार की थी, जिसे कुलपति बनने के बाद पूसा में लागू किया गया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव (स्थापना) डॉ. सतीश कुमार सिंह, कुलसचिव डॉ. पी. के. प्रणव, निदेशक छात्र कल्याण डॉ. रमन त्रिवेदी, निदेशक एग्री -बिजनेस डॉ. रामदत्त, डीन फिशरीज डॉ.पी.पी. श्रीवास्तव एवं सूचना पदाधिकारी डॉ. कुमार राज्यवर्धन मौजूद थे।

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