ग्वालियर , मार्च 13 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की बहनें आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन के क्षेत्र में पूरे देश के लिए उदाहरण बन रही हैं। प्रदेश में स्व-सहायता समूहों से जुड़कर लाखों महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं और अब वे उद्योग तथा स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में भी नेतृत्व कर रही हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को ग्वालियर जिले के घाटीगांव के समीप स्थित शबरी माता मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार होने के कारण बहनों को लाड़ली लक्ष्मी योजना और लाड़ली बहना योजना के रूप में डबल खुशियां मिल रही हैं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 27 हजार से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में 1 हजार 836 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि अंतरित की। यह राशि योजना की 34वीं किश्त के रूप में दी गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब प्रत्येक लाड़ली बहन के खाते में हर महीने 1500 रुपये भेजे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब तक योजना की 33 किश्तों के माध्यम से 52 हजार 305 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बहनों के खातों में भेजी जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 5 लाख से अधिक स्व-सहायता समूहों से करीब 65 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं और इनमें से 12 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लगभग 47 प्रतिशत नए स्टार्टअप का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन के साथ किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित मातृशक्ति पर पुष्पवर्षा कर उनका सम्मान किया। इस दौरान महिला हितग्राहियों को सामुदायिक वन अधिकार पत्र, स्व-सहायता समूहों के चेक तथा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति और मुद्रा योजना के तहत आर्थिक सहायता के चेक भी वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ग्वालियर जिले को लगभग 121 करोड़ 95 लाख रुपये की लागत वाले 54 विकास कार्यों की सौगात भी दी। इनमें करीब 60 करोड़ रुपये की लागत के 35 कार्यों का भूमिपूजन तथा लगभग 62 करोड़ रुपये की लागत के 19 कार्यों का लोकार्पण किया गया। इन कार्यों में कुलैथ घाटीगांव में लगभग 39 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से निर्मित शासकीय सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण भी शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर मध्यप्रदेश का गौरव है और इसके विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र प्रदेश के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सरकार के प्रयासों से यह क्षेत्र अब औद्योगिक गतिविधियों का नया केंद्र बन रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 से अब तक ग्वालियर में 220 औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है, जिससे लगभग 12 हजार 500 करोड़ रुपये का निवेश और हजारों लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में भी कई घोषणाएं करते हुए कहा कि किसान कल्याण वर्ष के तहत प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीद पर 40 रुपये बोनस देने का निर्णय लिया है। साथ ही पशुपालन और दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई योजना शुरू की गई है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं भी कीं। उन्होंने भितरवार विधानसभा क्षेत्र में 120 करोड़ रुपये की लागत से आरोन-पाटई उद्वहन सिंचाई परियोजना को मंजूरी देने की घोषणा की। इसके साथ ही घाटीगांव, चीनौर और करहिया में सांदीपनि विद्यालय खोले जाने, भितरवार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल अस्पताल में उन्नत करने तथा घाटीगांव में उप स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने भितरवार और घाटीगांव में युवाओं के कौशल विकास के लिए आईटीआई केंद्र स्थापित करने तथा घाटीगांव में देवी शबरी माता का भव्य मंदिर और शबरी धाम निर्माण के लिए भूमि सर्वे कराने की भी घोषणा की। इसके साथ ही भगवान देवनारायण धाम को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात भी कही।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है और लाड़ली बहना योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बनी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा विकसित भारत 2047 का जो संकल्प लिया गया है, उसमें प्रदेश की महिलाएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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