जयपुर , अप्रैल 07 -- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि को भारत की रीढ़ एवं किसान को देश की आत्मा बताते हुए कहा हैं कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, उनके जीवन स्तर में सुधार करते हुए कृषि में आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य की ओर तेजी से कार्य कर रही है।
श्री चौहान ने मंगलवार को जयपुर में आयोजित पश्चिमी क्षेत्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राजस्थान में कृषि क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की तारीफ करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में कृषि का रोडमैप तैयार किया गया है। श्री चौहान ने अन्य राज्यों को भी इस नवाचार का अनुसरण करने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि देश की भौगोलिक विविधताओं को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में क्षेत्रीय कृषि सम्मेलनों के आयोजन का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में पहला क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन का शुभारंभ राजस्थान से किया गया है। उन्होंने खेती से जुड़े इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का राजस्थान में आयोजन होने पर धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गोवा तथा राजस्थान राज्य शामिल है तथा इस सम्मेलन में कृषि क्षेत्र की आवश्यकताओं, चुनौतियों और संभावनाओं को समझने का एक मंच मिलेगा। साथ ही, सम्मेलन से राज्यों के बीच आपसी समन्वय व नवाचारों को भी साझा कर कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए तीन प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किए हैं। पहला, देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना जिससे आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को गति मिले। दूसरे लक्ष्य के तहत किसानों की आय बढ़ाने और उनके जीवन स्तर में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही तीसरे लक्ष्य के रूप में खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। इसके लिए उत्पादन वृद्धि, कृषि का विविधीकरण और एकीकृत कृषि प्रणाली जैसी पहलों के माध्यम से पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
श्री चौहान ने कहा कि सभी राज्य मिशन मोड पर कार्य करते हुए फार्मर आईडी के तहत 100 प्रतिशत किसानों का पंजीकरण करवाए जिससे किसानों को योजनाओं का लाभ शीघ्रता से मिल सके। प्राकृतिक आपदाओं द्वारा उत्पन्न जोखिमों से किसानों को बचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि फसलों को हुए नुकसान का शीघ्र आकलन करें, जिससे किसानों को बीमा योजना का लाभ त्वरित मिल सके।
श्री चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार ने यह तय किया है कि देश की कृषि योजनाओं में राज्यों को उनकी भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार देय राशि में लचीलापन दिया जाए, जिससे योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सके। उन्होंने राज्यों को कृषि बजट के तहत आवंटित राशि का प्रभावी उपयोग तथा फसलों की एमएसपी पर समय से खरीद सुनिश्चित करने के लिए भी कहा, ताकि किसानों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि सभी राज्य विकसित कृषि संकल्प अभियान आयोजित करें जिसमें केंद्र सरकार द्वारा पूरा सहयोग किया जाएगा।
श्री चौहान ने कहा कि राजस्थान में कृषि के संभावनाओं को देखते हुए कृषि के रोडमैप बनाने की पहल की गई है। अन्य राज्य भी इससे प्रेरणा लेकर कृषि का रोडमैप बनाए। केंद्र सरकार राज्य के इस रोडमैप को और सुदृढ़ बनाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों की टीम भेजकर सहयोग प्रदान करेगी, ताकि प्रदेश में कृषि विकास को और गति मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आगामी समय में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम) का भी आयोजन किया जाएगा। जिसमें भी केंद्र सरकार विशेषज्ञों, अधिकारी तथा वैज्ञानिकों की टीम भेजेगी।
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