पटना , जून 28 -- बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय ने रविवार को कहा कि बिहार सरकार द्वारा राज्य में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 को लागू किया जाना स्वच्छता, जनस्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी कदम है। श्री पांडेय ने आज बयान जारी कर कहा कि बढ़ते शहरीकरण और कचरा प्रबंधन की चुनौतियों को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा बनाई गई नई नियमावली न केवल कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को सुनिश्चित करेगी, बल्कि आम नागरिकों के बीच स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत मिशन की भावना के अनुरूप बिहार सरकार ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को जनभागीदारी से जोड़ने का सराहनीय प्रयास किया है।
श्री पांडेय ने कहा कि नियमावली के तहत प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों जैसे होटल, मॉल, अस्पताल एवं अन्य बड़े प्रतिष्ठानों को अपने परिसर में ही गीले कचरे का निस्तारण कर खाद तैयार करना अनिवार्य किया गया है।
भाजपा नेता श्री पांडेय ने कहा कि घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने के लिए कचरा वाहनों में चार अलग-अलग रंगों के डिब्बों की व्यवस्था की गई है। इसके माध्यम से कचरे को गीला, सूखा, खतरनाक तथा हानिकारक (सेनेटरी) श्रेणियों में अलग-अलग रखना अनिवार्य होगा। उन्होंने पटना में रामाचक बैरिया एवं बाढ़िया में 514 करोड़ की लागत से स्थापित किए जा रहे एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र की सराहना करते हुए कहा कि यह परियोजना राज्य के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
श्री पांडेय ने सिवान जिले द्वारा शुरू किए गए 'कबाड़ मंडी' मोबाइल ऐप की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह अभिनव पहल ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक एवं अन्य गैर-बायोडिग्रेडेबल कचरे के बेहतर प्रबंधन में सहायक होगी। इस ऐप के माध्यम से ग्रामीण सीधे कबाड़ विक्रेताओं से जुड़ सकेंगे, जिससे कचरे के निस्तारण के साथ-साथ ग्रामीणों को अतिरिक्त आय का अवसर भी प्राप्त होगा। उन्होंने राज्यवासियों से अपील करते हुए कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ बिहार के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है।
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