भोपाल , अप्रैल 30 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में ठेका श्रमिक, अस्थायी और आउटसोर्स कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने नीलम पार्क क्षेत्र में रैली निकालकर विरोध जताया और बाद में पार्क में धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने नारेबाजी करते हुए न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग की तथा सांकेतिक सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी भी दी।
कर्मचारियों का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम मजदूरी 12,425 से 16,769 रुपए प्रतिमाह पर्याप्त नहीं है और इसे बढ़ाकर कम से कम 26 हजार रुपए किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि कई विभागों में निर्धारित मानकों के विपरीत 3 से 5 हजार रुपए प्रतिमाह पर काम कराया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार विभिन्न विभागों में श्रमिकों को न्यूनतम वेतन से भी कम भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूलों, छात्रावासों और आयुष विभाग के अंशकालीन कर्मचारियों को 4 से 5 हजार रुपए, ग्राम पंचायतों के चौकीदार और सफाईकर्मियों को 3 से 4 हजार रुपए, स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों को 7 से 8 हजार रुपए तक ही भुगतान किया जा रहा है।
अस्थायी एवं आउटसोर्स कर्मचारी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने बताया कि कर्मचारियों ने अब तक बड़ी संख्या में आवेदन देकर अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाई हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, फिर भी उन्हें स्थायी रोजगार और उचित वेतन नहीं मिल रहा है। कर्मचारियों ने सरकार से न्यूनतम वेतन की गारंटी देने, इसे 26 हजार रुपए तक बढ़ाने और आउटसोर्स व्यवस्था की समीक्षा कर स्थायी रोजगार प्रदान करने की मांग की है।
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