मुंबई , जुलाई 24 -- महाराष्ट्र भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बान ने आरोप लगाया कि शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की ओर से 26 जुलाई को आयोजित किए जाने वाले मार्च का एकमात्र मकसद पार्टी प्रमुखों की संतानों आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे के राजनीतिक करियर को आगे बढ़ाना है।
श्री बान ने भाजपा के राज्य मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि हालांकि दोनों पार्टियों के नेताओं ने घोषणा की थी कि मार्च में किसी भी पार्टी का झंडा नहीं होगा लेकिन इसका असली मकसद ठाकरे परिवार के युवा नेताओं के राजनीतिक भविष्य को मजबूत करना है। गौरतलब है किश्री बान ने कहा कि चाहे ऐसे कितने भी विरोध-प्रदर्शन क्यों न आयोजित किए जाएं, लोगों पर इनका कोई असर नहीं पड़ेगा। श्री बान ने कहा कि केंद्र सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ लगातार बातचीत कर रही है और उसने उनकी अधिकांश मांगें मान ली हैं। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के गुरुवार को अनशन वापस लेने की बात बताते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत करने की सरकार की इच्छा को दोहराया है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार परीक्षा पेपर लीक की समस्या से निपटने के लिए एक कड़ा कानून बनाने को तैयार है। उन्होंने कहा, "इसके बावजूद कुछ लोग जानबूझकर देश में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं और छात्रों के इस जाल में नहीं फंसने की बात कही।
श्री बान ने वांगचुक के उपवास खत्म करने के फैसले की आलोचना पर सवाल उठाते हुए पूछा कि शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत इस घटनाक्रम से नाराज क्यों हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राउत बार-बार वांगचुक के रुख पर सवाल उठा रहे थे और पूछ रहे थे कि जंतर-मंतर पर उपवास क्यों नहीं खत्म किया गया।
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