नारायणपुर , जुलाई 23 -- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के दुर्गम गांवों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने ट्रैक्टर आधारित परिवहन व्यवस्था लागू की है। इस पहल से बरसात के दौरान भी दूरस्थ गांवों तक नियमित खाद्यान्न आपूर्ति सुनिश्चित होने लगी है और ग्रामीणों को लंबी पैदल यात्रा से राहत मिली है।
जिला प्रशासन से आज मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार ओरछा क्षेत्र के थुलथुली, गोमागाल, मुरूमवाड़ा, आदेर, जाटलूर, जटवर, बालेबेड़ा, हांदावाड़ा और पीडियाकोट सहित कई गांव लंबे समय से सड़क एवं परिवहन सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे थे। ग्रामीणों को राशन प्राप्त करने के लिए 40 से 50 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता था। मानसून के दौरान नदी-नाले उफान पर होने से कई बार राशन वितरण भी प्रभावित हो जाता था।
इन परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने पारंपरिक परिवहन व्यवस्था के स्थान पर ट्रैक्टर आधारित विकेंद्रीकृत वितरण प्रणाली शुरू की। इसके तहत मुख्य गोदामों से ट्रैक्टरों के माध्यम से सीधे गांवों तक खाद्यान्न पहुंचाया जा रहा है।
प्रशासन ने ग्राम पंचायत स्तर पर नए पीडीएस भवनों की स्वीकृति, प्रत्येक गांव के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति तथा मानसून से पहले तीन से चार माह का अग्रिम खाद्यान्न भंडारण जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की हैं।
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