भोपाल , अप्रैल 13 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के एमपी नगर क्षेत्र में 12 अप्रैल को हुए ट्रांसफॉर्मर में आग लगने की घटना की जांच में प्रथम दृष्टया बाहरी कारणों से फॉल्ट होने की आशंका जताई गई है।

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार घटना सुबह लगभग 9 बजकर 31 मिनट पर हुई, जब 11 केवी चेतक फीडर आर-फेज अर्थ फॉल्ट के कारण ट्रिप हुआ। उस समय करीब 2400 एम्पियर का फॉल्ट करंट रिकॉर्ड किया गया, जबकि रविवार होने के कारण फीडर पर लोड मात्र 16 एम्पियर था।

ट्रिपिंग के बाद सबस्टेशन ऑपरेटर निरीक्षण के लिए पहुंचा, जहां स्थानीय लोगों से ट्रांसफॉर्मर में आग लगने की सूचना मिली। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फीडर को पुनः चालू नहीं किया गया और तत्काल फॉल्ट सुधार दल को सूचित किया गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर फायर ब्रिगेड की सहायता से आग पर काबू पा लिया।

निरीक्षण में पाया गया कि 11 केवी कंडक्टर टूटा हुआ था तथा ट्रांसफॉर्मर की एलटी और एचटी दोनों बुशिंग क्षतिग्रस्त थीं। अत्यधिक गर्मी के कारण ट्रांसफॉर्मर ऑयल में आग लग गई थी।

जांच में यह संभावना व्यक्त की गई है कि गिलहरी, पक्षी या किसी अन्य बाहरी वस्तु के कारण ट्रांजिएंट फॉल्ट हुआ, जिससे निकटवर्ती केबलों में स्पार्किंग हुई और आग लग गई। बाद में गर्मी के कारण बुशिंग फटने से स्थिति और गंभीर हो गई।

कंपनी ने स्पष्ट किया कि 6 अप्रैल को संबंधित ट्रांसफॉर्मरों का नियमित रखरखाव किया गया था और घटना के समय लोड भी न्यूनतम था, जिससे ओवरलोडिंग या आंतरिक शॉर्ट सर्किट की संभावना नहीं है। कंपनी के उच्चदाब एवं जोनल स्टाफ की तत्परता से आग पर समय रहते नियंत्रण पा लिया गया, जिससे आसपास की संपत्तियों को बड़े नुकसान से बचाया जा सका।

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